अमेरिका: हिरासत केंद्र में बंद तीन भारतीय शरणार्थी भूख हड़ताल पर बैठे

अमेरिका में शरण की मांग कर रहे तीन भारतीय पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इन तीनों के वकील का कहना है कि हड़ताल खत्म कराने के लिए तीनों से जबरदस्ती की जा रही है। रविवार को उन्हें ड्रिप से पेय पदार्थ ग्रहण करने के लिए मजबूर किया गया। ये तीनों इमिग्रेशन एंड इन्फोर्समेंट विभाग (आइसीई) के एल पासो, टेक्सास स्थित हिरासत केंद्र में कई महीनों से बंद हैं।

अपनी रिहाई की मांग करते हुए उन्होंने नौ जुलाई को भूख हड़ताल शुरू की थी। इनकी वकील लिंडा कोरचाडोका कहना है कि लंबे समय तक हिरासत में रहने के बाद भी उनके केस की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने हड़ताल शुरू इसलिए की, क्योंकि उनके पास इसके अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं था। आव्रजन न्यायालय में उनके साथ भेदभाव हो रहा है। वे यहां शरण मांगने आए थे, लेकिन उनकी अपील खारिज कर दी गई। अब वे दोबारा अपील करना चाहते हैं।

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आइसीई ने पिछले हफ्ते एल पासो और ओटेरियो स्थित उसके हिरासत केंद्र में भूख हड़ताल होने की पुष्टि की थी। हालांकि, जबरन पेय पदार्थ पिलाने या खाना खिलाने पर उसने कोई टिप्पणी नहीं की। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते न्याय विभाग ने संघीय जज से हड़ताल कर रहे शरणार्थियों की अनुमति के बिना उन्हें पानी और खाना खिलाने का आदेश देने की मांग की थी। वकील व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने उन्हें जबरन पेय पदार्थ देने की आलोचना की है। विश्व चिकित्सा संघ के साथ संयुक्त राष्ट्र भी हड़ताल कर रहे लोगों को ड्रिप से पेय पदार्थ या खाना देने को गलत ठहरा चुका है।

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