हारने के बाद राजस्थान कांग्रेस में रार नहीं थम रही….

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी से कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया है। प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी का इस्तीफा अस्वीकार करने का प्रस्ताव पारित किया।
बुधवार को जयपुर में हुई प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही राज्य में सत्ता और संगठन में फेरबदल के लिए राहुल गांधी को अधिकृत किया गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने यह प्रस्ताव रखा, जिसका मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अनुमोदन किया।
अविनाश पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा। हार के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदारी है। पायलट ने कहा कि हमारी सरकार बनने के 4 माह के बाद जनता ने भाजपा को क्यों चुना,इसके क्या कारण है, इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी यहां सरकार है,हमें अब काम करना होगा ताकि अगले चुनाव तक जीत सके। कांग्रेस मास कॉंटेक्ट प्रोग्राम शुरू करने जा रही है ।
गहलोत और पायलट खेमे में तकरार जारी
लोकसभा चुनाव में राजस्थान की सभी 25 सीटें हारने के बाद सीएम अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच खींचतान तेज होती जा रही है। गहलोत और पायलट समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ लॉबिंग में जुटे हैं। दोनों ही नेता एक-दूसरे पर हार की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। सत्तापक्ष जहां हार के लिए संगठन को जिम्मेदार बता रहा है, वहीं संगठन की तरफ से करारी हार का कारण सरकार को मान रहा है। संगठन से जुड़े नेता दिल्ली तक यह संदेश पहुंचाने में जुटे है कि लोकसभा चुनाव सीएम के नेतृत्व में लड़ा गया था,इसलिए हार के जिम्मेदार भी वही होने चाहिए।
इन नेताओं का कहना है कि संगठन की जिम्मेदारी विधानसभा चुनाव जीताने की थी,जो उसने पूरी की। दोनों ही खेमों के मंत्री,विधायक और पार्टी पदाधिकारी अलग-अलग स्थानों पर बैठक कर रणनीति बनाते रहे। गहलोत और पायलट ने अपने-अपने विश्वस्तों के साथ चर्चा की। सीएम जहां अधिक से अधिक विधायकों का समर्थन अपने पक्ष में कायम रखने में जुटे हैं, वहीं पायलट समर्थक हार की पूरी जिम्मेदारी गहलोत पर डालने में जुटे हैं।
नहीं सुधरे तो… जुलाई तक सरकार बर्खास्त हो जाएगी
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे है। यह बाद खुद कांग्रेस विधायक कह रहे हैं। कोटा लोकसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी और पीपल्दा विधायक रामनारायण मीणा ने बुधवार को जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम नहीं सुधरे तो जुलाई तक राजस्थान सरकार बर्खास्त हो जाएगी। मीणा ने कहा है कि ऐसा ही चला तो संविधान की धारा 356 का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को बर्खास्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लीडरशिप खुद के स्वार्थ छोड़कर संगठन मजबूत करने पर ध्यान दे।
पीसीसी मुख्यालय के बाहर यज्ञ
राहुल गांधी से इस्तीफा वापस लेने की मांग को लेकर पीसीसी मुख्यालय के बाहर दलित समाज के कुछ लोगों ने बुधवार को यज्ञ किया। गोपाल डेनवाल के नेतृत्व में यज्ञ कर रहे दलित समाज के लोगों ने कहा कि यदि राहुल गांधी अपना इस्तीफा वापस नहीं लेते है तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।





