हरियाणा सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग से केंद्रीय सुरक्षा बलों की और मांगी कंपनियां

लोकसभा चुनावों के छठे चरण में 12 मई को होने जा रहे मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग (Election commission) से केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central security forces) की और कंपनियां मांगी हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रदेश को फिलहाल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 65 कंपनियों के 4680 कर्मियों की तैनाती की मंजूरी मिली हुई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियों के लिए चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि सुरक्षा बलों की कुछ और कंपनियां हमें मिल सकती हैं।
सीएपीएफ की पांच कंपनियां पहले ही प्रदेश में आ चुकी हैं जो मतदाताओं के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना पैदा करने के लिए जिलों में राज्य पुलिस के साथ फ्लैग मार्च कर रही हैं। पांचवें चरण के मतदान के बाद 7 मई को राजस्थान से शेष 60 कंपनियां आ जाएंगी। चुनाव के दौरान राज्य पुलिस बल और केंद्रीय बलों के करीब 64 हजार कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
विर्क ने बताया कि राज्य पुलिस के 33 हजार 340 जवानों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इनमें से 24 हजार 529 पुलिस कर्मचारी पहले ही जिलों में मौजूद हैं, जबकि 8,811 जवानों की व्यवस्था अन्य इकाइयों से की गई है। इसके अलावा 11 हजार 750 होमगार्ड और 8,063 विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के साथ ही 5,788 पुलिस प्रशिक्षु भी चुनाव ड्यूटी में तैनात रहेंगे।
वहीं, पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिला पुलिस प्रमुखों सहित सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए अतिरिक्त तैयारी करने के निर्देश दिए हंै। चुनाव को देखते हुए राज्य में सुरक्षा एजेंसियों ने भी चौकसी बढा दी है। विशेष पुलिस अभियान के तहत अभी तक 1050 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका। भारी मात्रा में अवैध शराब, ड्रग्स और नकदी भी जब्त की गई है।





