हर सिम का क्यों कटा होता है कोना? ज्यादातर लोग नहीं जानते असली वजह

क्या आपने कभी SIM कार्ड को ध्यान से देखा है? लगभग हर SIM कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है। मजे की बात यह है कि चाहे वह भारत हो, अमेरिका हो, जापान हो या यूरोप, दुनिया के लगभग हर देश में SIM कार्ड का शेप और कटा हुआ कोना एक जैसा ही दिखता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ एक डिजाइन है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है।
दरअसल, SIM कार्ड पर यह कटा हुआ कोना असल में एक छोटा लेकिन बहुत जरूरी एलाइनमेंट गाइड है जो आपके फोन और आपके SIM कार्ड दोनों को नुकसान से बचा सकता है। अगर आपको भी नहीं पता कि SIM कार्ड का एक हिस्सा क्यों कटा होता है और यह आइडिया कहां से आया, तो आइए आज इसे आसान शब्दों में समझते हैं।
पहले कैसा होता था SIM Card?
जानकारी के मुताबिक, SIM Card की शुरुआत 1990 के शुरुआती समय में हुई थी। उस टाइम सिम कार्ड आज के नैनो सिम की तरह छोटे नहीं थे, बल्कि क्रेडिट कार्ड जितने बड़े हुआ करते थे। इसके बाद जैसे-जैसे डिवाइस छोटे और पतले हुए तो SIM Card भी छोटे होते गए। इसी बदलाव के दौरान सिम के अलग-अलग साइज सामने आए, जहां हमें पहले Mini SIM फिर Micro सिम और इसके बाद Nano सिम देखा जो आज भी इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि साइज चेंज होता गया, लेकिन सिम का एक कोना कटा हुआ बरकरार रहा।
…तो क्या है SIM का कोना कटा होने की असली वजह?
हर SIM के बीच में एक गोल्डन कलर की चिप लगी होती है, जो फोन के SIM स्लॉट में लगे SIM रीडर से कनेक्ट होती है। ऐसे में अगर SIM कार्ड उल्टी दिशा में या गलत एंगल पर लग जाए तो इससे SIM की चिप खराब हो सकती है और यहां तक कि फोन का SIM रीडर भी डैमेज हो सकता है। इसी समस्या से बचाने के लिए SIM Card का एक कोना काटा गया था ताकि वो एक दिशा में ही फिट हो जाए। यानी आसान शब्दों में कहें तो ये ‘कटा हुआ कोना’ एक तरह से Alignment Guide है, जो SIM को गलत तरीके से लगने से रोकता है।





