हर मूवमेंट पर Meta की नजर! AI ट्रेनिंग के लिए नया ट्रैकिंग सिस्टम

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में से एक Meta Platforms ने अपने एम्प्लाइज को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अमेरिका में काम कर रहे अपने एम्प्लाइज के सिस्टम में एक नया ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने का फैसला लिया है। इस सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने का मकसद कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI मॉडल्स को और ज्यादा स्मार्ट और सक्षम बनाना बताया जा रहा है।
मेमो जारी कर दी जानकारी
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कंपनी ने एक इंटरनल मेमो जारी कर कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी है। इस मेमो में कहा गया है कि नया टूल कर्मचारियों के कंप्यूटर पर उनकी रोजाना की गतिविधियों को रिकॉर्ड और ट्रैक करेगा।
इसमें न सिर्फ माउस मूवमेंट बल्कि आप कहां क्लिक कर रहे हैं और कीबोर्ड पर क्या टाइप कर रहे हैं, ये सब रिकॉर्ड होगा। साथ ही स्क्रीन पर होने वाली गतिविधियों के स्नैपशॉट्स भी लिया जाएंगे।
क्या इससे आपको भी खतरा?
सीधे शब्दों में कहें तो नहीं, इससे आपको कोई खतरा नहीं है। Meta Platforms का ये ट्रैकिंग सिस्टम सिर्फ अपने कर्मचारियों के ऑफिस डिवाइसेज और वर्क-एनवायरनमेंट तक सीमित रहेगा, ताकि उनके AI मॉडल्स को अच्छे से ट्रेन किया जा सके।
क्या-क्या डेटा होगा ट्रैक?
ये ट्रैकिंग टूल खासतौर पर कुछ सेलेक्ट किए गए वर्क एप्स और वेबसाइट्स पर काम करेगा। इसके जरिए कंपनी ये समझना चाहती है कि एम्प्लाइज कंप्यूटर पर कैसे काम करते हैं। जैसे ड्रॉपडाउन मेन्यू कैसे यूज कर रहे हैं। साथ ही एम्प्लाइज कीबोर्ड शॉर्टकट्स का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। इसके अलावा अलग-अलग टास्क को पूरा करने के लिए यूजर किस तरह नेविगेट कर रहे हैं।
AI एजेंट्स को ट्रेन करने में मदद
मेटा का कहना है कि इस तरह के रियल-टाइम डेटा का यूज करने से उसके AI एजेंट्स को ट्रेन करने में काफी ज्यादा मदद मिलेगी। साथ ही वे फ्यूचर में खुद ही कई काम ऑटोमैटिक तरीके से कर पाएंगे। कंपनी का कहना है कि अगर ऐसे AI टूल्स बनाने हैं जो इंसानों की तरह काम कर पाएं, तो इसके लिए उन्हें रियल यूजर्स के बिहेवियर से सीखना होगा।





