नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री और उनके करीबियों के स्टिंग को लेकर दिए बयान पर भाजपा और कांग्रेस में सियासत गरमा गई है।
इंदिरा के बाद कांग्रेस ने दावा किया है कि उनके पास स्टिंग की सीडी है। भाजपा नेतृत्व के पलटवार के बाद अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने इंदिरा को स्टिंग सार्वजनिक करने की खुली चुनौती दे डाली।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने रविवार को एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में इंदिरा के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर इंदिरा के पास उनका स्टिंग है तो वो परेड ग्राउंड देहरादून में एक बड़ी स्क्रीन लगाकर उसका सार्वजनिक प्रसारण करें। मुख्यमंत्री का यह बयान इंदिरा के बयान के समर्थन में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सिंह के उतरने के बाद आया है।
आगामी लोकसभा के लिए मुद्दा बनाने की तैयारी में कांग्रेस
प्रीतम ने इंदिरा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि स्टिंग करने वालों ने कांग्रेस को भी सारे तथ्य मुहैया करवाएं हैं, लेकिन पार्टी उसे जारी नहीं करेगी।
कांग्रेस अब इस मामले को सियासी रंग देकर आगामी लोकसभा के लिए मुद्दा बनाने की तैयारी में दिख रही है। कांग्रेस नेतृत्व के हमलावर रुख पर भाजपा फिलहाल डिफेंसिव है, लेकिन मुख्यमंत्री ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस को सीधी चुनौती देकर त्रिवेंद्र ने अपने दामन को बेदाग साबित करने की कोशिश की है। उधर, त्रिवेंद्र के खुलकर आने से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे पर मजबूत रणनीति के साथ उतरेगी।
मीटू प्रकरण में अपनाई रणनीति पर कांग्रेस
भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार के खिलाफ आए मीटू प्रकरण में भी कांग्रेस ने इसी तरह सक्रियता दिखाई थी। उस समय कांग्रेस नेतृत्व का दावा था कि पीड़ित महिला सबसे पहले उनके पास शिकायत लेकर आई थी। चूंकि इस मामले में पुलिस के पास शिकायत नहीं थी, तो पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अब स्टिंग प्रकरण को लेकर भी पार्टी ने अपना वही स्टैंड रखा है। पार्टी दावा कर रही है कि मुख्यमंत्री और उनके करीबियों का स्टिंग करने वाले चैनल ने उन्हें सीडी मुहैया करवाई है, लेकिन वह जब तक चैनल स्टिंग प्रसारित नहीं करता उसका खुलासा नहीं करेंगे।