सिर्फ चार महीने में IAS का नया मॉड्यूल हुआ तैयार, फोन टेप के डर से वॉट्सऐप पर करते थे बात

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने फिदायीन हमले और रिमोट कंट्रोल से सीरियल धमाके से देश को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इस सिलसिले में एनआईए, यूपी एटीसी और दिल्ली पुलिस की मिलीजुली टीम ने दिल्ली और उप्र के 17 ठिकानों पर छापेमारी कर आतंकी संगठन आईएस के नए माड्यूल हरकत उल हर्ब इस्लाम का पर्दाफाश किया है। सिर्फ चार महीने में IAS का नया मॉड्यूल हुआ तैयार, फोन टेप के डर से वॉट्सऐप पर करते थे बात

यह माड्यूल दिल्ली और उत्तरप्रदेश में सक्रिय था और इनके फिदायीन दस्ते में मौलवी से लेकर सिविल इंजीनियर तक शामिल थे। ये जल्द ही कार्रवाई को अंजाम देने वाले थे। इनकी हिट लिस्ट में कई बड़े नेता, विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां शामिल थीं। 

इनका इरादा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पुलिस मुख्यालय जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाने का था। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है,

 जिनमें एमिटी का एक छात्र व एक महिला भी शामिल है। इनके कब्जे से बड़ी मात्रा में विस्फोटक, बम बनाने का सामान, मोबाइल फोन व सिम तथा नगदी सहित एक देसी राकेट लांचर भी जब्त किया गया है। 

कैसे शुरू हुआ सफर

एनआईए के मुतबिक आईएस का यह नया मॉड्यूल तीन चार महीने पहले बना। एजेंसी को इसकी भनक लग गई। इस माड्यूल में शामिल एक सदस्य ने पैसे इकट्ठा करने के लिए घर से चुरा कर सोना भी बेचा था। इसी पैसे से सारा सामान खरीदा गया। हालांकि यह सभी विदेश में बैठे एक व्यक्ति केसंपर्क में थे। बाद में संदिग्धों केधमाके की स्थानीय स्तर पर ट्रेनिंग दी गई। 

एनआईए के मुताबिक, आईएस जैसे माड्यूल पर काम कर रहे संगठन हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम की साजिश जल्द से जल्द फिदायीन हमले और रिमोट कंट्रोल से सीरियल धमाके कर देश को दहलाने की थी। 

इनकी हिटलिस्ट में कई बड़े नेता, विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां, महत्वपूर्ण जगह भी थे।  लंबे समय से टारगेट करने के बाद इनसे जुड़े लोगों की तलाश में दिल्ली और यूपी में 17 जगहों पर छापेमारी की गई।  

एनआईए के आईजी और प्रवक्ता अशोक मित्तल के मुताबिक  गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के बाद जांच अभी शुरूआती दौर में है। जांच की दृष्टि से ज्यादा खुलासा करना संभव नहीं है। हालांकि पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आईएस का यह माड्यल जल्द ही कई जगहों पर आतंकी वारदात को अंजाम देने की कोशिशों में जुटा था।

इनकी निगाहें राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां, सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थलों को फिदायीन हमले और सीरियल ब्लास्ट के माध्यम से निशाना बनाने की थी। अब तक 16 लोगों को हिरासत में लिया गया, इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

संदिग्धों में इजीनियर और मौलवी भी 
पुलिस ने जिन 16 लोगों को हिरासत में लिया है उनमें सिविल इंजीनियर का छात्र, मौलवी, आटोचालक, वैल्डर, कपड़े का बड़ा व्यवसायी भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर की उम्र 30 साल से कम है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक महिला भी शामिल है। 

फोन टेप के डर से वॉट्सऐप पर करते थे बात 
फोन टेप होने के डर से संदिग्ध आतंकी वॉट्सएपेप और टेलीग्राम के जरिए बातचीत करते थे। इनकी योजना बड़ी हस्तियों और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के लिए फिदायीन हमले के अलावा रिमोट कंट्रोल बम के इस्तेमाल की थी। 

लखनऊ में भी दबिश 
छापेमारी के दौरान पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर टीम ने लखनऊ में भी छापेमारी की। सूचना के आधार पर टीम ने लखनऊ में भी छापेमारी की। मगर उस दौरान संदिग्ध वहां मौजूद नहीं था। 

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