सशस्त्र बलों के लिए टेरी की बड़ी रिपोर्ट, पढ़े पूरी खबर

भारतीय सशस्त्र बल सिमुलेटर-आधारित प्रशिक्षण को व्यापक रूप से अपनाकर सालाना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत कर सकते हैं। इससे ईंधन की खपत कम करने, गोला-बारूद की लागत घटाने और रसद व्यय को कम करने में मदद मिल सकती है। यह जानकारी द एनर्जी रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) द्वारा शुक्रवार को जारी अध्ययन में दी गई है।
टेरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने, विदेश यात्राओं को स्थगित करने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सोने की खरीद को टालने के आह्वान का हवाला देते हुए कहा कि देश में ऐसा समय आ रहा है जहां हर लीटर ईंधन, आयातित संसाधन का हर हिस्सा और खर्च किया गया हर रुपया मायने रखता है।
इस सप्ताह की शुरुआत में हैदराबाद में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते आयात बिलों के मद्देनजर सामूहिक मितव्ययिता का आह्वान किया था।
टेरी के अध्ययन में कहा गया है कि भारतीय सशस्त्र बल के लिए परिवर्तनकारी अवसर है। अध्ययन में 13 सिम्युलेटर सिस्टम का आकलन किया गया, जिसमें इन्फैंट्री, आर्टिलरी, सेना, एयर डिफेंस, आर्मर्ड कार्प्स और मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री शामिल हैं।
टेरी के वरिष्ठ फेलो और निदेशक सौविक भट्टाचार्य ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी अब अलग-अलग नहीं रह गए हैं।
रक्षा सिमुलेटर यह प्रदर्शित करते हैं कि कैसे तकनीकी नवाचार युद्ध की तैयारी को मजबूत कर सकता है, संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकता है और स्थिरता के लक्ष्यों को आगे बढ़ा सकता है।





