सवर्ण आरक्षण: आज लोकसभा में पेश हो सकता है संविधान संशोधन विधेयक

सवर्णों को आरक्षण के लिए मौजूदा कोटा 49.5 फीसदी से 59.5 प्रतिशत किया जा सकता है। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करना होगा, जिसमें सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए जातिगत आरक्षण का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में आरक्षण देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। फैसले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई लेकिन सरकार के विशिष्ट सूत्रों ने बताया, मंगलवार को लोकसभा में इसके लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है।
आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में बदलाव करना होगा। सत्र के अंतिम दिन पेश होने वाले विधेयक को लोकसभा में पारित कराना सरकार के लिए भले आसान हो, लेकिन राज्यसभा में आंकड़े उसके पक्ष में नहीं।
वहीं, इसके बाद इस सरकार के कार्यकाल में संसद का सामान्य सत्र नहीं बचा है। बजट सत्र में सरकार सामान्य कार्य शामिल नहीं करती। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर विधेयक पारित कराने का प्रयास करेगी।
आरक्षण के लिए ये शर्तें
- वार्षिक आय आठ लाख रुपए से कम हो।
- पांच एकड़ से कम खेतिहर जमीन हो।
- मकान 1000 वर्गफीट से कम में बना हो।
- निगम की अधिसूचित जमीन 109 गज से कम हो।
- गैर-अधिसूचित जमीन 209 गज से कम हो।
यहां मिलेगा फायदा:सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में। अभी किसे कितना आरक्षण
सरकार की बड़ी चुनौतियां
– संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान नहीं।
– संविधान संशोधन के लिए समय पर्याप्त नहीं, राज्यसभा में संख्याबल कम।
अभी क्यों लिया फैसला
सियासी फायदा-नुकसान
पहले भी हुई आरक्षण की कवायद
किसने क्या कहा:-
भाजपा लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। मोदी सरकार ने ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा के तहत ऐतिहासिक फैसला लिया है। सामान्य वर्ग के लोगों को उनका हक मिला है। -शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय मंत्री
भाजपा संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश करे। हम साथ देंगे। नहीं तो साफ हो जाएगा कि यह घोषणा भाजपा का चुनावी स्टंट है। -अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री दिल्ली
चुनाव में 100 दिन बचे हैं और सरकार को अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की याद आई। सरकार ने संसद में माना है कि 24 लाख पद खाली हैं। हम नौकरियों में आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन युवा पूछ रहे हैं कि उन्हें नौकरियां कब मिलेंगी। -रणदीप सुरजेवाला, प्रवक्ता कांग्रेस
सरकार का यह फैसला लोगों को मूर्ख बनाने वाला कदम है। क्या सरकार संविधान संशोधन विधेयक संसद में पास करा पाएगी?- केटीएस तुलसी, सांसद राज्यसभा
आरक्षण से लोगों की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री को 15-15 लाख रुपए और नौकरी देनी चाहिए।-तेजस्वी यादव, राजद





