समय की कीमत पहचानते हैं रामनाथ कोविंद

रामनाथ कोविंद समय की कीमत अच्छी तरह जानते हैं। परौंख के स्कूल में सीनियर साथी सीताराम दोहरे ने बताया कि शुरू से ही कोविंद समय की कीमत को समझते थे।

वह अनावश्यक कहीं बैठकर समय बर्बाद नहीं करते थे। साथियों को भी समय की कीमत पहचाने की सीख देते थे। खाली समय में पुस्तकें पढ़ना भी उनकी आदत में शामिल है।
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कानपुर परौंख गांव निवासी सीताराम ने बताया कि पढ़ाई के दौरान रामनाथ से वह सीनियर थे। दोनों एक ही विद्यालय में पढ़ते थे। कोविंद पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे। वहीं, वह आज भी स्वभाव से दृढ़ निश्चयी हैं। कोई काम अपने मन में ठान लेेने के बाद वह पूरी शिद्दत से उसमें लग जाते थे। कहा कि उन्हें गर्व है कि वह उनके गांव के रहने वाले हैं। इस मौके पर विकास पाल, राजेश कुमार, नितिन राहुल, जितिन, प्रवीन सिंह आदि मौजूद रहे।





