शहीदों की शहादत को दरबार साहिब में बनाया जाएगा यादगार, जानिए कैसे?

1984 में दरबार साहिब में हुए फौजी हमले के शहीदों की शहादत को यादगार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जानिए आखिर किस तरह किया जाएगा ये काम।

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दरअसल, श्री दरबार साहिब की गैलरी मेंहमले में मारे गए लोगों के फोटो लगाने का भी फैसला लिया गया है। एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी की बैठक में एसजीपीसी ने दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हरनाम सिंह की उस मांग को भी मंजूरी दे दी, जिसमें उन्होंने जून, 1984 में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पर हुए फौजी हमले के शहीदों की तस्वीरें दरबार साहिब की यादगार गैलरी में लगाने की मांग की थी।
प्रो. बंडूगर ने कहा कि एसजीपीसी कानून के तहत चुनी गई सिखों की सर्वोच्च संस्था है, जिसके पास गुरुद्वारों की संभाल व उनकी संपत्तियों की संभाल का जिम्मा है। कमेटी ने गुरु शब्द रत्नाकर महान कोष के हिंदी और अंग्रेजी में दोबारा कराने का फैसला भी लिया है। इसके अलावा 1994 में पीलीभीत जेलकांड में मारे गए सिखों के परिजनों को 1-1 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का फैसला लिया गया है।
साथ ही, हरियाणा में हौंद चिल्हड़ गांव में सिख कत्लेआम के मामले को सार्वजनिक करने वाले मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बच्चों की वर्ष 2017-18 की फीस एसजीपीसी द्वारा अदा किए जाने का फैसला लिया गया है। वीरवार को चंडीगढ़ में हुई एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी की बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी प्रस्ताव पारित किए गए।
एसजीपीसी ने विधानसभा में पूर्व डीजीपी केपीएस गिल को श्रद्धांजलि दिए जाने के खिलाफ शिअद के रवैये की सराहना की है। प्रो. बंडूगर ने कहा कि केपीएस गिल के कार्यकाल में बेगुनाह सिख नौजवानों का कत्लेआम हुआ। ऐसे व्यक्ति को विधानसभा में श्रद्धांजलि देने के खिलाफ शिअद का रवैया बिल्कुल सही है और एसजीपीसी इस मुद्दे पर शिअद के साथ है।
कमेटी ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में बसे सिकलीगर सिख समुदाय के खिलाफ दर्ज केस लड़ने के साथ-साथ इस समुदाय के लड़के-लड़कियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। यह पूछे जाने पर कि शिअद ने सुमेध सैनी और इजहार आलम को ऊंचे ओहदे दिए जबकि उन पर भी यही आरोप लगता रहा है। प्रो. बंडूगर इस सवाल को टाल गए।
प्रो. बंडूगर ने कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में बसे सिकलीगर सिख जोकि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के लिए हथियार बनाया करते थे, यह समुदाय उन प्रदेशों में भारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के खिलाफ उन प्रदेशों में 42 केस दर्ज हैं और 40 सिकलीगर सिखों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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प्रो. बंडूगर ने बताया कि एसजीपीसी ने गिरफ्तार सिकलीगर सिखों के केस लड़ने का फैसला किया है। इसके अलावा उनके 100 लड़कों को पंजाब लाकर रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे अपना जीवन स्तर सुधार सकें। इसी तरह सिकलीगर सिखों की लड़कियों के लिए एसजीपीसी उन राज्यों में 10 सिलाई केंद्र खोलेगी।





