शहबाज शरीफ ने दुनिया को बताई PAK की कंगाली की सच्चाई

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था और कर्ज मांगने की मजबूरी का एक कड़ा सच स्वीकार किया है। शहबाज शरीफ ने यह स्वीकार किया है कि दुनिया के सामने हाथ फैलाने से न केवल देश का सिर झुकता है, बल्कि इसके लिए ‘इज्जत की कीमत’ भी चुकानी पड़ती है।
दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान का प्रति व्यक्ति कर्ज बढ़कर 3.33 लाख रुपये के पार पहुंच गया है। यह पाकिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था को पेश करता है।
वीडियो आया सामने
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शहबाज ने यह स्वीकार किया कि कैसे उन्हें दूसरे देशों से कर्ज मांगते समय इज्जत से कीमत चुकानी पड़ी। शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान के लिए कर्ज लेने के लिए उन्होंने कई समझौते किए हैं।
वीडियो में शहबाज ने मांगने वाले और देने वाले में फर्क भी बताया। उन्होंने कहा कि कई बार कर्ज देने वाले देशों की ऐसी शर्तें भी माननी पड़ीं, जिन्हें पूरा करने का उनका मन नहीं था। और कहा कि कई बार उन्हें कर्ज देने वाले की ख्वाहिशों को न चाहते हुए भी पूरा करना पड़ता है। हालांकि, यह वीडियो कब और कहां का है, यह साफ नहीं हो सका है।
आप इतने बिलियन डॉलर दे दें
पाकिस्तानी पीएम ने बिना किसी लाग-लपेट के यह स्वीकार किया कि मैं और फील्म मार्शल कई देशों में गए और उनसे कहा कि आईएमएफ का प्रोग्राम है और ये हमारा एक्सटर्नल गैप है। आप इतने बिलियन डॉलर दे दें। उन देशों ने हमें मना नहीं किया। लेकिन, आप जानते हैं कि जो कर्ज लेने जाता है, उसका सर झुका हुआ होता है।
पाकिस्तान पर कितना है कर्ज?
गौरतलब है कि पाकिस्तान लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। दिसंबर 2025 में पाकिस्तान का कुल कर्ज 52.366 बिलियन अमेरिकी डॉलर चला गया। यह कर्ज कम होने की बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
पाकिस्तान की संसद में पेश किए गए राजकोषीय नीति के अनुसार, हर पाकिस्तानी पर कर्ज का बोझ 13% बढ़कर 333,000 रुपये हो गया है। इससे पहले प्रति व्यक्ति कर्ज वित्तीय वर्ष 2023-24 में 294,098 रुपये था। कर्ज से दबे पाकिस्तानी पीएम ने आखिरकर अपने कड़वे सच को स्वीकार कर दुनिया के सामने रख दिया है कि वो कर्ज में हैं।





