शनिवार को जूते-चप्पल खरीदना क्यों माना जाता है अशुभ, इसके पीछे छिपा है बड़ा राज, जानकर हो जायेंगे हैरान

आज हम इस लेख में शनि देव से जुड़ी कुछ ऐसी बातों को बता रहें हैं जिसके बारे मे शायह हम में से कम ही लोग जानते होंगे। हम अपने दैनिक जीवन में होने वाली छोटी-मोटी घटनाओं के जान सकते हैं कि शनि देव हम पर प्रसन्न है कि नहीं। इस लेख में इस संबंध में ही बात कर रहें हैं जिसमें हम शनि देव के बारे में कुछ खास बता रहे हैं।

हम लोग जब भी मंदिर जाते हैं तो हम मंदिर के अंदर जाने से पहले अपने जूते चप्पल बाहर उतार कर जाते हैं। ऐसे में कई बार मंदिर में भगवान के दर्शन करने के बाद जब बाहर आते हैं तो हमारे जूते या चप्पल चोरी या गुम हो जाती है। इसको हम सामान्य बात समझ कर ध्यान नहीं देते लेकिन ऐसा होने पर शनि देव से जुड़े कुछ संकेत हमे मिलते हैं, अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो इसका मतलब शनि आपका पीछा छोड़ने वाले हैं।

अगर कोई व्यक्ति घर के अंदर जूते-चप्पल पहनकर आता है तो ऐसा माना जाता है कि उसके साथ घर में राहु और केतु जैसे पापी ग्रह भी घर में प्रवेश करते हैं।

घर के मेन दरवाजे पर जूते-चप्पल नहीं रखना चाहिए ऐसा करने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।
शनि की अशुभ छाया से व शनि की कुदृष्टी से बचने के लिए शनिवार के दिन काले रंग के चमड़े के जूते या चप्पल किसी शनि मंदिर के बाहर उतार का बगैर पलटे वापस आ जाएं। शनि दोष से छुटकारा मिल जाएंगा।

फटे और पुराने जूते पहनने से शनि की अशुभ छाया व शनि का दोष लगने के साथ साथ घर पर दरिद्रता आती है।
शनिवार के दिन जूते-चप्पल खरीदने से शनि दोष लगता है। शनि का संबंध पैरों से माना जाता है।

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