वैभव का ‘हल्ला बोल’, सीएसके को रौंदकर राजस्थान ने दर्ज की सबसे बड़ी जीत

भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में अपनी बल्लेबाजी से ऐसा गदर मचाया कि पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) नतमस्तक हो गई। 128 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने वैभव की इस पारी के दम पर 12.1 ओवर में ही जीत हासिल कर ली।

15 साल के वैभव ने केवल 15 गेंद में तूफानी अर्धशतक जड़ा, जो आईपीएल इतिहास का संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज पचासा है। उन्होंने अपनी पारी में पांच छक्के और चार चौके जड़े और 15 गेंद में अर्धशतक जड़ने वाले आईपीएल के पांचवें बल्लेबाज बन गए। 

वैभव का पहली ही गेंद से प्रहार

वैभव ने पिछले सीजन में अपने रिकॉर्ड शतक के बाद से लगातार प्रगति की है और इस मैच में उनका असाधारण टैलेंट देखने को मिला। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सीएसके के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। वैभव ने मैट हेनरी को चौका जड़कर अपनी पारी की शुरुआत की।

सूर्यवंशी ने एक ओवर में 18 रन बटोरकर मैच को एकतरफा बना दिया। इसी ओवर में कार्तिक शर्मा ने उनका कैच भी छोड़ा, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। उनके शानदार शाट्स में मैट हेनरी की स्लोअर गेंद पर पाइंट के ऊपर से लगाया गया छक्का खास रहा। 

उन्होंने स्पिनर नूर अहमद के खिलाफ दो छक्के लगाकर अर्धशतक भी पूरा किया। उनके जोड़ीदार यशस्वी जायसवाल (38*) ने उन्हें स्ट्राइक देते हुए संयम से खेला और कप्तान रियान पराग (14*) ने औपचारिकताएं पूरी कर टीम को आसान जीत दिलाई। 

धोनी के बिना बिखरी हुई दिखी चेन्नई

साल 2019 के बाद पहली बार महेंद्र सिंह धोनी के बिना उतरी चेन्नई को राजस्थान के गेंदबाजों ने घुटनों पर ला दिया। सीएसके लिए शुरुआत अच्छी नहीं रही और धोनी के बिना एक युवा टीम मुश्किल हालात में ऐसी पिच पर ढेर हो गई, जो बारिश के कारण लंबे समय तक कवर्स में थी।

कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के टॉस हारने के बाद चेन्नई के लिए चीजें तेजी से बिगड़ने लगीं। आर्चर और बर्गर ने पिच से मिल रही मदद का पूरा लाभ उठाया और पावरप्ले में ही संजू सैमसन, रुतुराज और आयुष म्हात्रे को आउट कर सीएसके को बैकफुट पर ला दिया। संदीप शर्मा ने पावरप्ले के आखिर में मैट शॉर्ट को आउट कर दबाव बढ़ा दिया, जिससे सीएसके की पारी लड़खड़ा गई।

Rajasthan Royals ने दर्ज की IPL में अपनी सबसे बड़ी जीत

15 साल के सूर्यवंशी ने सिर्फ 15 गेंद में जड़ा अर्धशतक
277 मैचों के बाद यह पहला मौका था, जब चेन्नई सुपर किंग्स की टीम थाला महेंद्र सिंह धोनी और चिन्ना थाला सुरेश रैना के बगैर मैदान पर उतरी थी।
साल 2020 के बाद पहला मौका था जब संजू सैमसन आईपीएल के पहले मैच में बिना अर्धशतक लगाए हुए आउट हुए।
चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 127 रन बनाए। इसके जवाब में राजस्थान ने 128 रनों का लक्ष्य सिर्फ 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम ने 47 गेंदें बाकी रहते मैच जीत लिया, जो गेंदों के हिसाब से उनकी आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी जीत है।
इससे पहले 2014 में राजस्थान ने RCB के खिलाफ 42 गेंदें रहते जीत हासिल की थी। ये चेन्नई के खिलाफ राजस्थान की आईपीएल में 16वीं जीत है। अब इस मामले में राजस्थान, पंजाब किंग्स के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस लिस्ट में मुंबई इंडियंस पहले नंबर पर है, जिसने चेन्नई को सबसे ज्यादा बार हराया है।

राजस्थान के सबसे बड़े रन चेज

आरआर बनाम सीएसके, गुवाहाटी, 47 गेंद बाकी रहते हुए- 8 विकेट से जीत (2026)

आरआर बनाम आरसीबी, अबू धाबी, 42 गेंद बाकी रहते हुए- 6 विकेट से जीत (2014)

आरआर बनाम मुंबई इंडियंस, वानखेड़े, 41 गेंद बाकी रहते हुए- 10 विकेट से जीत (2011)

आरआर बनाम कोलकाता, ईडन गार्डन्स, 41 गेंद बाकी रहते हुए- 9 विकेट से जीत (2023)

आरआर बनाम कोच्चि, जयपुर, 35 गेंद बाकी रहते हुए- 8 विकेट से जीत (2011)

आरआर बनाम चेन्नई सुपर किंग्स, 34 गेंद बाकी रहते हुए- 8 विकेट से जीत (2008)

जडेजा हिट, संजू ने किया निराश

इस मुकाबले की खास बात यह रही कि दोनों टीमों ने सीजन से पहले अपने स्टार खिलाड़ियों की अदला-बदली की थी। रवींद्र जडेजा अब राजस्थान के लिए खेल रहे हैं, जबकि संजू सैमसन चेन्नई की ओर से उतरे। हालांकि, इस मैच में जडेजा का पलड़ा भारी रहा। जडेजा ने अपने पहले ही ओवर में सरफराज खान और शिवम दुवे के अहम विकेट लेकर चेन्नई की कमर तोड़ दी। दूसरी ओर, सैमसन का चेन्नई के लिए पदार्पण कुछ खास नहीं रहा।

2020 के बाद यह पहला मौका था, जब संजू आईपीएल के पहले मैच में बिना अर्धशतक लगाए आउट हुए। संजू (06) ने नांद्रे बर्गर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीम होकर बाहर निकली और उनका ऑफ स्टंप उखड़ गया। 

पावरप्ले में जोफ्रा आर्चर ने कप्तान ऋतुराज को आउट कर बड़ा झटका दिया, जबकि बर्गर ने लगातार विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। एक समय तो वह हैट्रिक के करीब पहुंच गए थे। आठ ओवर में 57 रन पर छह विकेट गंवाकर चेन्नई की टीम संकट में थी। सरफराज (17) और शिवम दुबे (6) भी जडेजा की फिरकी के सामने टिक नहीं सके। इसके बाद टीम के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया।

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