विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का हो रहा आगाज, पर्यटन विभाग तैयारी में जुटी

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के लिए सुल्तानगंज से दुम्मा बॉर्डर तक की तैयारी शुरू कर दी गई है। ठहराव से लेकर समुचित भोजन और भरपूर मनोरंजन की व्यवस्था की जा रही है। पर्यटन विभाग की इस बार की तैयारी की खूब प्रशंसा होने वाली है।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू हो रहा है, जो 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा। मेले को भव्य, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। इस संबंध में पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि हर साल करीब 40 लाख से अधिक श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर पैदल देवघर के लिए रवाना होते हैं। इस भारी भीड़ को देखते हुए सुल्तानगंज के बाबा अजगैबीनाथ मंदिर से लेकर दुम्मा बॉर्डर तक के पूरे मेला पथ को शिवमय बनाया जाएगा।

अत्याधुनिक टेंट सिटी और स्विस कॉटेज की सौगात
इस संबंध में पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए तीनों जिलों के विभिन्न रूटों पर अत्याधुनिक टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 3000 कांवरियों के रुकने की क्षमता होगी। इसके अलावा, भागलपुर में वीआईपी सुविधाओं से युक्त 25 स्विस कॉटेज भी बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धौरी और असरगंज में पहली बार ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

जिलों के अनुसार भोजन और आराम करने की हो रही व्यवस्था
पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ में 500 बेड की टेंट सिटी बनाई जा रही है। वहीं बांका जिला के अबरखा में 600 बेड, गोड़ियारी में 250 बेड और धौरी में 200 बेड की व्यवस्था की जा रही है। लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि धौरी में पहली बार इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मुंगेर जिला के खैरा, धोबई, तारापुर और संग्रामपुर में 200-200 बेड, जबकि असरगंज में 300 बेड की व्यवस्था की जा रही है। असरगंज में भी इस तरह की व्यवस्था पहली बार की जा रही है। इतना ही नहीं सभी टेंट सिटी में भोजन प्रबंधन का जिम्मा जीविका दीदी की रसोई को सौंपा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ भोजन मिल सके।

टेंट सिटी में 24 घंटे मिलेंगी ये सुविधाएं
पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने संबंधित जिम्मेदार लोगों को यह निर्देश दिया है कि सभी टेंट सिटी में कांवरियों के लिए मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी टेंट सिटी में सुरक्षित कांवर स्टैंड और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। साथ ही पर्याप्त शौचालय एवं उत्कृष्ट साफ-सफाई की व्यवस्था होगी। अँधेरा न हो इसके लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति कराइ जाएगी। और सबसे महत्वपूर्ण चौबीसों घंटे आपातकालीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

जानिए क्या-क्या होंगे आकर्षण के केंद्र?
पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि मेले के माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक और आधुनिक रंग देने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे, विशेष लाइटिंग की जाएगी और लगातार शिवमंत्रों का जाप गूंजेगा ताकि हर तरफ भक्ति माहौल बना रहे। श्रद्धालुओं के आनंद के लिए लाइट एंड साउंड शो, लेजर शो और शानदार ड्रोन शो आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे एक महीने तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। मेले के उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, प्रत्येक सोमवार को राज्यस्तरीय और बाकी दिनों में जिलास्तरीय कलाकारों को मंच मिलेगा।

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