वास्तुदोष को ऐसे कम करता है कपूर, जाने पूरी विधि

जिस घर में नियमित कपूर जलाया जाता है, वहां की वायु स्वच्छ रहती है। दूषित वायु घर से बाहर हो जाती है और वातावरण शुद्ध हो जाता है। सुबह-शाम कपूर जलाने से बाहरी नकारात्मक उर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। यही कारण है कि हवन, पूजा पद्धति में कपूर का उपयोग किया जाता है।
दूषित वायु घर से बाहर हो जाती है
जिस घर में नियमित कपूर जलाया जाता है, वहां की वायु स्वच्छ रहती है। दूषित वायु घर से बाहर हो जाती है और वातावरण शुद्ध हो जाता है। सुबह-शाम कपूर जलाने से बाहरी नकारात्मक उर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। यही कारण है कि हवन, पूजा पद्धति में कपूर का उपयोग किया जाता है।कपूर जलाने से बैक्टीरिया, कीटाणु, मच्छर आदि घर में प्रवेश नहीं करते।
उतारे नजर
कपूर का एक टुकड़ा लेकर जिस व्यक्ति पर नजर हो उसके पैर से लेकर सिर तक घड़ी के घूमने की दिशा में तीन बार उतारें और वहीं फर्श पर कपूर जला दें। कपूर जलाते समय ध्यान रखें इसे पहले से किसी जलते हुए अंगारे या अन्य अग्नि के साधन पर न रखें, बाकि इसे सीधे फर्श पर रखकर आग लगा दें। नजर उतारने के लिए भीमसेनी कपूर का इस्तेमाल करना चाहिए।
जानें क्यों पूजा और घर में शुभ काम में किया जाता है गेंदे के फूल का इस्तेमाल
कपूर से कैसे पता करें बुरी नजर है या नहीं
1. यदि कपूर जलाने पर उसकी लौ स्थिर रहे और उसमें से धुआं बिलकुल न निकलें तो समझें कोई बुरी नजर नहीं है।
2. यदि कपूर जलाने पर उसकी लौ थोड़ी इधर-उधर जाए, लेकिन धुआं न करे तो नजर का हल्का प्रभाव होता है।
3. यदि जलते कपूर की लौ बिना हवा के बार-बार इधर-उधर हो और उसमें से धुआं भी निकले तो निश्चित रूप से बुरी नजर होती है।
4. कपूर जलाने पर उसमें से तेज धुआं निकले और उसकी लौ भी अस्थिर हो तो समझो कड़ी नजर ने जकड़ रखा है।
5. जलते कपूर में से यदि तड़कने, चर-चर की आवाज के साथ धुआं निकले और लौ तेजी से अस्थिर रहे तो सबसे कड़ी नजर होती है।





