आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कमर कस चुकी कांग्रेस विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ किसानों के कर्ज माफी पर बड़ा चुनावी दांव खेलेगी। किसानी से जुड़े कई मसलों पर भी मोदी सरकार को घेरा जाएगा। इसके लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी पूरे देश भर के किसानों से उनका दर्द सांझा करते हुए उनके सुझाव व मांगें एकत्रित करना शुरू कर दिया है।
एआईसीसी के मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्य व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कमेटी ने पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों व किसानी से जुड़े कुछ विशेषज्ञों से मुलाकात की और उनसे उनके सुझाव साझे किए। इस दौरान किसानों ने जहां अपनी समस्याओं को लेकर जमकर भड़ास निकाली, वहीं अपने कुछ मांगे भी मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्यों के समक्ष रखीं। पंजाब और हरियाणा में किसानों से मिलने के बाद कमेटी सदस्य अब यूपी, मध्यप्रदेश व बिहार का रुख करेंगे। मैनिफेस्टो कमेटी की एक टीम दक्षिण भारत के किसानों से भी रूबरू हो रही है।
कर्ज माफी का प्रस्ताव अनुमोदित कर चुकी कांग्रेस
मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्य एवं हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि ये सौ फीसदी पक्का हो गया है कि यदि वर्ष 2019 में यदि यूपीए की सरकार देश में आई तो किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। इसे एआईसीसी अपने आगामी लोकसभा से संबंधित घोषणा पत्र में प्रमुखता से शामिल करेगी। हुड्डा ने बताया कि इस संदर्भ में एक प्रस्ताव पिछले दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई एआईसीसी की बैठक में प्रस्तुत किया गया था, जिसे अनुमोदित कर दिया गया है। हुड्डा ने कहा कि पिछले यूपीए सरकार ने ही देश में किसानों के 72 हजार करोड़ के कर्ज माफ किए थे।
किसानी के इन मुद्दों पर होगी केंद्र की घेराबंदी
-किसानों के कर्ज माफी के साथ-साथ सभी फसलों का सी-2 फार्मूले पर समर्थन मूल्य तय करना
-फसल अवशेष प्रबंधन की लागत भी समर्थन मूल्य में तय करना
-खाद, कृषि उपकरणों, कीट नाशकों व ट्रेक्टर स्पेयर पार्ट्स को जीएसटी मुक्त किया जाए
-डीजल और पेट्रोल के दामों को जीएसटी के दायरे में लिया जाए
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जबरदस्त किसानों पर थोपे जाना
-मंडियों में किसानों के सभी फसलों के पूरी सरकारी खरीद सुनिश्चित करवाना
-किसानों की दुर्दशा और बढ़ते आत्महत्या के मामलों पर मोदी सरकार से जवाबदेही