लत पर लगाम: YouTube होम स्क्रीन से हट जाएंगे Shorts

YouTube यूजर्स अब अपनी होम स्क्रीन से Shorts को पूरी तरह से हटा सकते हैं। ये फीचर Shorts टाइमर के एक अपडेट के हिस्से के तौर पर आया है, जो यूजर्स को इस बात पर कंट्रोल देता है कि वे Shorts स्क्रॉल करने में कितना समय बिताते हैं। टाइमर में अब टाइम लिमिट को जीरो पर सेट करने का ऑप्शन है, जिससे Shorts होम स्क्रीन से हट जाते हैं। ये कदम एक अमेरिकी जूरी द्वारा YouTube पर जुर्माना लगाए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। जूरी ने पाया था कि इस प्लेटफॉर्म को जान-बूझकर इस तरह से डिजाइन किया गया था कि ये बच्चों के लिए लत लगाने वाला और हानिकारक हो।
Shorts पर टाइम लिमिट सबसे पहले पिछले साल अक्टूबर में आई थी। इसने यूजर्स को एक कस्टमाइजेबल डेली लिमिट तय करने की अनुमति दी थी, जो ये त करती थी कि वे Shorts फीड को कितनी देर तक स्क्रॉल कर सकते हैं। पहले सबसे कम ऑप्शन 15 मिनट का था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर जीरो कर दिया गया है। एक बार जब कोई यूजर सेट लिमिट तक पहुंच जाता है, तो Shorts टैब पर कोई वीडियो दिखाई नहीं देता है और एक नोटिफिकेशन दिखाई देता है कि वे ‘अपनी Shorts फीड लिमिट तक पहुंच गए हैं।’ ये फीचर यूजर द्वारा सेट लिमिट तक पहुंचने के बाद होम स्क्रीन से Shorts टैब को भी हटा देता है। पहले, ये नोटिफिकेशन हटाया जा सकता था।
Instagram और TikTok, दोनों ही स्क्रीन टाइम की लिमिट तय करने का एक जैसा ऑप्शनल फीचर देते हैं। हालांकि, TikTok ही एकमात्र ऐसी सर्विस है जो इस फीचर को वेब यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराती है। YouTube के वेब वर्जन पर ये फीचर अभी भी उपलब्ध नहीं है।
इस फीचर को कैसे ऑन करें?
अगर आप अपनी फीड से YouTube Shorts को हटाना चाहते हैं या कोई लिमिट सेट करना चाहते हैं, तो आप YouTube एप में सेटिंग्स में जाकर, ‘Time management’ सेलेक्ट कर, फिर Shorts फीड लिमिट को ऑन करके और उसके लिए एक टाइम सेलेक्ट कर, ऐसा कर सकते हैं।
सोशल मीडिया की लत से जुड़े मुकदमे में YouTube पर जुर्माना
ये फीचर लॉस एंजिल्स में एक जूरी द्वारा Meta और YouTube को एक मामले में दोषी पाए जाने के कुछ हफ्तों बाद पेश किया गया है। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि इन प्लेटफॉर्म को जान-बूझकर इस तरह से डिजाइन किया गया था कि वे बच्चों को लत लगा सकें और उन्हें नुकसान पहुंचा सकें।
पिटीशनर ने Meta के Instagram, ByteDance के TikTok और Google के YouTube के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। पिटीशनर ने दावा किया था कि इन प्लेटफॉर्म पर मौजूद लत लगाने वाले फीचर्स के कारण उन्हें नुकसान पहुंचा था। मुकदमा शुरू होने से पहले ही TikTok और Snap ने समझौता कर लिया था।
मुक़दमे के दौरान, पिटीशनर ने बताया कि उसने क्रमशः आठ और नौ साल की उम्र में YouTube और Instagram पर अपने अकाउंट बनाए थे। उसने गवाही दी कि जल्द ही वह अपना ज्यादातर समय Instagram पर बिताने लगी थी। उसके वकील ने तर्क दिया कि ‘इनफिनिट स्क्रॉल’ जैसे डिजाइन ऑप्शन्स का उद्देश्य यूजर्स को इन एप्स से जोड़े रखना था।
टाइम लिमिट तय करने और होम स्क्रीन से ‘Shorts’ टैब हटाने के जरिए, YouTube यूजर्स को खुद को सुरक्षित रखने का एक ऑप्शन दे रहा है। खासकर तब, जब उन्हें लगे कि वे इस प्लेटफॉर्म पर बहुत ज्यादा समय बिता रहे हैं।





