लंबी ट्रिप्स के लिए कपल्स ले रहे हैं ‘सीट डिवोर्स’

मान लीजिए कि आप कहीं घूमने जा रहे हैं और फ्लाइट का सफर काफी लंबा है। ऐसे में आपने सोचा हुआ है कि कोई फिल्म देखेंगे, किताब पढ़ेंगे या अपनी नींद पूरी करेंगे। लेकिन आपके पार्टनर ने कुछ और ही प्लान बना रखा है। वे फ्लाइट में आपसे बात करना चाहते हैं या कोई फिल्म साथ में देखना चाहते हैं।
ऐसे में कई बार इन वजहों से कपल्स के बीच झगड़े की स्थिति बन जाती है, लेकिन इस समस्या का इलाज सीट डिवोर्स में छिपा है। सीट डिवोर्स एक नया ट्रैवलिंग ट्रेंड है, जो कपल्स के बीच खूब पसंद किया जा रहा है। इसका नाम सुनकर चौंकिए मत, इसका मतलब सचमुच तलाक देना नहीं है। आइए जानें सीट डिवोर्स होता क्या है और क्यों कपल्स इसे पसंद कर रहे हैं।
क्या होता है सीट डिवोर्स?
जब कोई कपल फ्लाइट, ट्रेन या बस में सफर करते समय एक-दूसरे के बगल वाली सीट पर बैठने के बजाय अलग-अलग सीटों पर बैठने का फैसला करता है, तो इसे सीट डिवोर्स कहा जाता है। यह फैसला किसी झगड़े की वजह से नहीं, बल्कि झगड़े से बचने और अपनी व्यक्तिगत सुविधा के लिए लिया जाता है।
अक्सर लंबी दूरी की उड़ानों में विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम वाली सीट के चक्कर में पार्टनर अलग-अलग बैठना पसंद करते हैं। कभी-कभी बजट की कमी या आखिरी समय में बुकिंग के कारण भी कपल्स को अलग बैठना पड़ता है, जिसे अब लोग मजबूरी नहीं बल्कि एक पॉजिटिव चॉइस के रूप में देख रहे हैं।
कपल्स इसे क्यों पसंद कर रहे हैं?
पर्सनल स्पेस और रिलैक्सेशन- लंबे सफर में हर कोई अपने तरीके से आराम करना चाहता है। कोई सोकर समय बिताना चाहता है, तो कोई फिल्म देखना या किताब पढ़ना पसंद करता है। अलग बैठने से पार्टनर्स को बिना किसी संकोच के अपना मी-टाइम बिताने का मौका मिलता है।
नींद और आराम की प्राथमिकता- फ्लाइट में सीटों की चौड़ाई कम होती है। बगल में पार्टनर के होने पर कई बार लोग खुलकर सो नहीं पाते या बार-बार हिलने-डुलने से दूसरे की नींद खराब होने का डर रहता है। सीट डिवोर्स कपल्स को बिना किसी बाधा के गहरी नींद लेने की आजादी देता है।
अपनी पसंद की सीट- हो सकता है कि पति को विंडो सीट पसंद हो और पत्नी को आइल सीट ताकि वह आसानी से उठ सके। ऐसे में एक-दूसरे के लिए समझौता करने के बजाय दोनों अपनी पसंद की सीट चुनकर सफर का आनंद लेते हैं।
रिश्ते पर इसका क्या असर पड़ता है?
सीट डिवोर्स असल में रिश्तों के लिए अच्छा साबित हो सकता है। जब दो लोग कुछ घंटे एक-दूसरे से दूर अपनी पसंद का काम करते हैं, तो वे मंजिल पर पहुंचने के बाद ज्यादा फ्रेश और खुश महसूस करते हैं। यह हेल्दी डिसटेंसिंग उन्हें एक-दूसरे की कमी का एहसास कराती है और वे ट्रिप का ज्यादा उत्साह के साथ आनंद ले पाते हैं।
सावधानी भी है जरूरी
सीट डिवोर्स का ट्रेंड मुख्य रूप से उन कपल्स के लिए है जो एक-दूसरे की जरूरतों और स्वभाव को अच्छे से समझते हैं। अगर कोई पार्टनर असुरक्षित महसूस करता है, तो यह ट्रेंड तनाव भी पैदा कर सकता है। इसलिए, इसे आजमाने से पहले आपसी बातचीत और सहमति बहुत जरूरी है।





