रेल पटरियों में ‘सेल’ का वर्चस्व होगा ख़त्म

नई दिल्ली : अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो भारतीय रेल अब निजी स्टील कंपनियों की बनाई पटरियों पर दौड़ती नज़र आ सकती है.रेलवे ने इसके लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए हैं, क्योंकि रेलवे इन दिनों सप्लाइ की कमी के संकट से परेशान है. इससे रेलवे के लिए स्टील की आपूर्ति करने वाली सरकारी कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) का वर्चस्व खत्म होने से इंकार नहीं किया जा सकता.

रेल पटरियों में 'सेल' का वर्चस्व होगा ख़त्म

इस बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि रेलवे 7 लाख मीट्रिक टन पटरियां ट्रैक अपग्रेड के लिए खरीदने का इच्छुक है.इससे रेलवे को आसानी से और कम कीमत पर स्टील की आपूर्ति हो सकेगी.वित्तीय सेवा क्षेत्र के गौतम चक्रवर्ती के अनुसार ऐसे में जिंदल स्टील को अवश्य लाभ मिल सकता है,क्योंकि वह अकेली ऐसी भारतीय घऱेलू कंपनी है, जो इस स्तर पर काम करती है.

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उल्लेखनीय है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पुराने रेल ट्रैक को ठीक करने के लिए रेलवे में 8.6 खरब रुपये के निवेश की योजना बनाई है. कई रेल ट्रैक्स को अपग्रेड करने या उनके विस्तार का काम प्रगति पर है, इससे यात्रा के समय में भी कटौती हो जाएगी.

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