रीवाः बिना डॉक्टरों वाला सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल!
रीवा: प्रदेश के रीवा संभाग में मरीजों को इलाज के लिए यूपी के प्रयागराज तक जाना पड़ता है। इस कोरोना काल में भी कई मामले ऐसे सामने आए हैं जब रीवा और आसपास के लोगों को प्रयागराज या जबलपुर जाकर इलाज कराना पड़ा। दरअसल यहां फिलहाल कोई ऐसा बड़ा आधुनिक अस्पताल ही नहीं है।
इस कमी को दूर करने के लिए एक सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल का निर्माण कराया गया। हॉस्पिटल तो बन कर तैयार हो गया, लेकिन अस्पताल के लिए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ हों तो यहां सही ढंग से इलाज शुरू हो पाए। बताया जाता है कि इस अस्पताल के लिए 90 डॉक्टरों के पद सृजित किए गए हैं। इसके सापेक्ष अब तक महज 11 डॉक्टरों की नियुक्त ही हो पाई है।
कमोबेश यही हाल पैरामेडिकल स्टॉफ को लेकर है। अब डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ ही नहीं तो मरीज भला यहां क्या करने आएं। हालांकि प्रशासन ने ओपीडी को चालू करा दी है। लेकिन बताया जा रहा है कि मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
पीएमएसएसवाई योजना के तहत बनने वाले इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के भवन निर्माण की लागत 150 करोड़ रुपये है। हॉस्पिटल परिसर 36 सौ स्क्वायर मीटर में है। यह अस्पताल 6 मंजिला है। अस्पताल की कुल लागत में से 120 करोड़ भारत सरकार और 30 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार ने राशि दी है। अस्पताल में 204 बेड हैं।





