रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड आर्थिक दंड के खिलाफ जाएगी कोर्ट

रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड 1.55 अरब डॉलर के सरकारी हर्जाने के खिलाफ कोर्ट जाएगी। इस फैसले के बाद बीते शुक्रवार को रिलायंस के शेयर्स में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। जुर्माने की खबर के बाद बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर आरआईएल का शेयर 1.92 फीसदी गिरकर 1,005.80 रुपये पर बंद हुआ।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने केजी बेसिन अपतटीय क्षेत्र में सार्वजनिक कंपनी ओएनजीसी के ब्लॉक से नेचुरल गैस निकालने के मामले में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और इसकी साझेदारों बीपी तथा निको पर 1.55 अरब डॉलर (करीब 10,338 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है, जो कंपनी के तेल एवं गैस कारोबार के सालाना राजस्व से भी ज्यादा है।
केंद्र सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक मार्च 2016 तक पिछले सात वर्षों के दौरान ओएनजीसी के ब्लॉक से 33.833 करोड़ ब्रिटिश थर्मल इकाई गैस की निकासी के लिए 1.47 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है, जबकि उत्पादित गैस पर 7.17 करोड़ डॉलर रॉयल्टी और उस पर ब्याज जोड़कर तीनों कंपनियों पर कुल 1.55 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़े एक विश्लेषकों का मानना है कि इससे कंपनी पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और मामला मध्यस्थता में जा सकता है।
कंपनी को देने होगा 30 दिनों में जवाब:
पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिलायंस और उसकी साझेदारों को जुर्माने के इस नोटिस पर अगले 30 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। वहीं रिलायंस की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





