रियल स्टेट रेग्युलेटरी एक्ट ने नियम में किए बड़े बदलाव, अब ऐसे करवा सकेंगे रजिस्ट्री

रियल स्टेट रेग्युलेटरी एक्ट (रेरा) में रजिस्टर्ड बिल्डर ही संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकेंगे। रजिस्ट्री कराने पहुंचने पर मौके पर ही बिल्डर के रजिस्ट्रेशन की पड़ताल की जाएगी। रेरा अध्यक्ष ने इसे लेकर शासन के साथ ही जिला सब रजिस्ट्रार को पत्र भेजा है। सहमति मिलते ही यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। रियल स्टेट रेग्युलेटरी एक्ट ने नियम में किए बड़े बदलाव, अब ऐसे करवा सकेंगे रजिस्ट्री

रेरा के तहत सभी बिल्डरों को लाने के लिए अब उन्हीं बिल्डरों की रजिस्ट्री होगी, जिन्होंने रेरा में अपना रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। रेरा की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोई भी बिल्डर्स अथवा डीलर रजिस्ट्री करवाने के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचते हैं तो उसी समय उनके रेरा में रजिस्ट्रेशन की पड़ताल की जाएगी। हालांकि रेरा एक्ट में 500 वर्ग मीटर से नीचे या आठ फ्लैट से नीचे के प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन को छूट मिली है। वहीं, जिन प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन नहीं होने की शिकायत मिलेगी, उनके खिलाफ रेरा के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

छोटे प्रॉपर्टी डीलर्स पर भी होगी कार्रवाई 
जिन छोटे प्रॉपर्टी डीलर्स ने रेरा में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। रेरा के अधिकारियों के मुताबिक जो प्रॉपर्टी डीलर्स चोरी-छिपे कारोबार कर रहे हैं, अगर उनका रजिस्ट्रेशन नहीं है तो उन पर भी कार्रवाई होगी।

हमने रजिस्ट्री के दौरान बिल्डरों का रेरा में रजिस्ट्रेशन चेक करने का प्रस्ताव फिर से भेजा है। शासन से स्वीकृति मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। ऐसा होने से बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगेगी। साथ ही जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। 

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