यूपी सरकार ने 729 हत्या, 60 डकैती और रेप के 803 केस पर दिया जवाब…


पारसनाथ यादव और शैलेंद्र यादव ललई समेत कई सपा सदस्यों ने सरकार से 15 मार्च से 9 मई तक हुई हत्याओं, डकैती, छिनैती, बलात्कार की घटनाओं की जानकारी मांगी। पूछा कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए क्या कोई प्रभावी कार्ययोजना बनाई गई है।
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि इस अवधि में हत्या की 729, डकैती की 60, लूट (छिनैती) की 799, अपहरण की 2682 और बलात्कार के 803 केस दर्ज हुए हैं। इस अवधि में तीन पर रासुका, 126 पर गैगस्टर और 131 पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
ललई ने पूछा कि सभी की एफआईआर दर्ज हो रही हैं तो रायबरेली में पांच लोगों की हत्या के प्रकरण में दूसरे पक्ष की एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई। बसपा के लालजी वर्मा ने कहा कि उनके पास जो आंकड़े हैं, उसके मुताबिक अपराधों में ढाई गुना वृद्धि हुई है।
इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि हत्या व रोड होल्डअप के मामलों में कमी आई है। पिछले साल से अपराधों का तुलनात्मक चार्ट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले अपराधों की रिपोर्ट नहीं लिखी जाती थीं। अब अपराध छोटा हो या बड़ा, सभी दर्ज हो रहे हैं। रामगोविंद चौधरी ने कहा कि अपराध सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रहे हैं लेकिन सरकार समुचित जवाब नहीं दे रही है।
डॉ. अनीता लोधी ने बजट की चर्चा के दौरान सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के नाम पर विद्यालयों, चिकित्सालयों का नामकरण करने के एलान की सराहना की। सपा के दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश को आदर्श प्रदेश बनाने की पहल की थी।
इस सरकार ने बजट के हर मद में कटौती की है। उन्होंने तूफान प्रभावित क्षेत्रों में एक महीने बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल न किए जाने पर सवाल उठाया। बसपा के विनय शंकर तिवारी ने कहा कि अच्छे सपने दिखाकर सत्ता में आने वालों ने निराश कर दिया है।







