यूपी: तीन तलाक पर मेरठ जोन में पहला मुकदमा दर्ज, पीड़िता के भाई ने दी तहरीर

तीन तलाक के मामले में लिसाड़ी गेट थाने में नए कानून मुस्लिम महिला (अधिकार एवं विवाह संरक्षण) अध्यादेश 2018 के तहत मेरठ जोन का पहला मुकदमा पंजीकृत हुआ है। पुलिस ने केवल आरोपी पति को नामजद किया है। हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अधिनियम की संपूर्ण जानकारी जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।यूपी: तीन तलाक पर मेरठ जोन में पहला मुकदमा दर्ज, पीड़िता के भाई ने दी तहरीर
 सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार ऊंचा सद्दीकनगर निवासी मो. शमीम पुत्र रईस हुसैन ने लिसाड़ी गेट थाने में तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी बहन का निकाह तीन साल पहले खुर्जा बुलंदशहर के मोहल्ला खुवेश्जान निवासी आबिद पुत्र जाहिद के साथ हुआ था। आबिद का खुर्जा में पॉटरी का व्यापार है। 
आरोप लगाया कि निकाह के बाद से ही आबिद उसकी बहन का उत्पीड़न करने लगा था। इसके चलते उनकी ओर से एक मुकदमा आबिद के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने में दहेज उत्पीड़न की धारा में दर्ज कराया गया था। आरोप है कि मुकदमे में दबाव बनाने के लिए सितंबर 2018 में आबिद ने पुरानी तारीख का तलाकनामा बनाकर रिश्तेदारों को भेज दिया था। लेकिन योजना में सफल न होने पर 12 अक्तूबर 2018 को सद्दीकनगर स्थित घर पर पड़ोसी के हाथों एक पत्र भेजा। 

साजिश की तरफ इशारा
आरोप है कि पत्र में आबिद ने शरीयत का हवाला देकर उसकी बहन से हमेशा के लिए रिश्ता खत्म करने की सूचना दी। पत्र में तलाक का नोटिस भी संलग्न था। नोटिस की पड़ताल में आबिद ने तलाक देने की तिथि 17 जुलाई, 2018 दर्शाई है, जबकि डाक विभाग में यह पत्र 5 अक्तूबर को पहुंचा और 12 अक्तूबर को वह डिलीवर हुआ, जो किसी साजिश की तरफ इशारा करता है।

वादी शमीम का आरोप है कि आबिद पहली पत्नी को भी इसी तरह से तलाक दे चुका है। अब उसकी बहन का जीवन बर्बाद करना चाहता है। वहीं, शमीम पक्ष का यह भी आरोप है कि पुलिस ने अभी तक नामजद आबिद को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे साठगांठ का अंदेशा है। 

अध्यादेश के तहत होगी कार्रवाई
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार महिला का पति से पहले से दहेज से संबंधित मुकदमा चल रहा है। इसमें चार्जशीट लग चुकी है। इस बार महिला ने पति पर मुस्लिम महिला (अधिकार एवं विवाह संरक्षण) अध्यादेश 2018 का हवाला देकर कार्रवाई की मांग की है। धारा-4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। अध्यादेश के बारे में जानकारी कर उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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