यूटी प्रशासन को हाईकोर्ट का आदेश , ऑटो-रिक्शा पर कसा नियमों का शिकंजा

एमिकस क्यूरी द्वारा सौंपी गई एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ऑटो रिक्शा कहीं भी मनमाने तरीके से रुक जाते हैं, जो बड़ी खतरनाक स्थिति पैदा कर रहे हैं। ऐसे में अब जरूरत है कि प्रशासन नीति बनाकर इन्हें नियंत्रित करे और उनके रुकने के स्थान आदि निर्धारित करे। इसके साथ ही सीनियर एडवोकेट रीटा कोहली द्वारा सौंपे गए सुझावों पर प्रशासन से जवाब तलब कर लिया है।

 

 

यह हैं ट्रैफिक से जुड़े सुझाव

– दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर पंचकूला, जीरकपुर, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ की कनेक्टिविटी हो।
– छोटे सफर के लिए ज्यादा भुगतान न करना पड़े इसलिए ऑटो में मीटर अनिवार्य किया जाए।
– नीति बनाकर रास्ते के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर शामिल किया जाए
– शहर की बसों में बार-बार टिकट खरीदने की व्यवस्था की जगह ट्रेवल कार्ड का प्रावधान हो।
– एक ही सेक्टर में यदि किसी को कहीं जाना है तो उसके लिए ई रिक्शा का नेटवर्क हो जिनकी लोकेशन मोबाइल एप से पाई जा सके

 

 

पार्किंग से जुड़े सुझाव

– जो लोग घर के बाहर का स्थान ग्रीन एरिया के तौर पर कवर कर गाड़ी सड़क पर पार्क करते हैं ऐसे ग्रीन एरिया को हटाया जाए ताकि पार्किंग की समस्या न रहे।
– पार्किंग के स्थान पर अवैध कब्जों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का पालन हो इसकी निगरानी के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, मजदूरों के प्रतिनिधि, शहर के जाने माने लोगों, छात्रों, शिक्षकों व अन्य वर्ग की एक कमेटी बने। जो हर माह बैठक करे
– मार्केट पार्किंग में अवैध कब्जों को हटाने के लिए इंस्पेक्टर नियुक्त हो और व्यापार मंडल इनकी मदद करे, यदि फिर भी वह अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम रहे तो उस पर अवमानना का केस और विभागीय कार्रवाई हो
– सेक्टर 27 व 28 में मौजूद गाड़ियों की रिपेयर की दुकानों को बंद करवाया जाए या कहीं और शिफ्ट किया जाए तो ही वहां समस्या समाप्त होगी

साइकिल ट्रैक से जुड़े सुझाव

साइकिल ट्रैक या जेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ी खड़ी करने वालों का चालान हो और उनको केवल जुर्माना देकर न छोड़ा जाए बल्कि समाज सेवा जैसे व्यस्त समय में एक सप्ताह तक ट्रैफिक पुलिस की मदद अनिवार्य की जाए ताकि वे असल में समस्या समझ सकें
– साइकिल ट्रैक व पैदल मार्ग को अलग-अलग रंग से रंगा जाए ताकि लोग फर्क समझ सकें।
– जेब्रा क्रॉसिंग को ट्रैफिक लाइट के पास रखा जाए ताकि लोग इस पर गाड़ी पार्क न करें क्योंकि अक्सर यह काफी दूर होता है और ऐेसे में लोग वाहन से इसे पार कर आगे चले जाते हैं।
– ट्रैफिक के लिए अलग से विभाग हो ताकि मोटराज्ड व नॉन मोटराइज्ड वाहनों के अनुरूप इसे दो भागों में बांट आंकड़े जुटा ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में काम किया जा सके ।
– चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के डीसी मीटिंग कर रास्ता निकालें कि कैसे एंबुलेंस को बिना बाधा का रास्ता उपलब्ध करवाया जा सकता है

साइक्लिंग से जुड़े सुझाव

– स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों में साइक्लिंग प्रमोट करने केलिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हो
– साइकिल शेयर या रेंट का नेटवर्क बेहद संजीदा रूप से तैयार हो ताकि हर लैंडमार्क पर पिक और ड्रॉप की सुविधा मौजूद हो।
– साइकिल कल्चर को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों और छात्रों को विशेष छूट दी जाए।
– जिस प्रकार सोलर सिस्टम पर सरकार सब्सिडी देती है उसी तर्ज पर साइकिल पर भी दी जानी चाहिए।
– व्यस्तता के समय में साइकिल का किराया कम रखा जाए ताकि लोग वाहन के स्थान पर साइकिल लेना ज्यादा पसंद करें।
– साइकिल को ट्रेवल कार्ड से जोड़ा जाए और सबसे ज्यादा चलाने वालों को इनाम दिया जाए, जैसे फिल्म की टिकट या डिस्काउंट कूपन आदि।
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