यादव सिंह के खिलाफ दर्ज होगा मनी लॉड्रिंग का भी केस, काले धन को सफेद करने का मामला

नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह पर मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा भी चलेगा। अदालत ने यादव सिंह, उसकी पत्नी कुसुमलता, प्रदीप गर्ग, पंकज जैन व विनोद कुमार गोयल के खिलाफ करोड़ों के काले धन को फर्जी कंपनियों के जरिए सफेद करने के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर परिवाद पर संज्ञान लेकर सभी को तलब किया है।

ईडी के विशेष न्यायाधीश आरके उपाध्याय ने अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख तय करते हुए यादव सिंह को जेल से लाकर कोर्ट में हाजिर करने तथा अन्य आरोपियों को समन भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ईडी के परिवाद में जो तथ्य व सुबूत प्रस्तुत किए गए हैं, उनके अनुसार प्रथम दृष्टया मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया जाना प्रतीत होता है।
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गौरतलब है कि ईडी के सहायक निदेशक त्रिगुण बिसेन ने गत 2 मई को यादव सिंह, उसकी पत्नी व कुसुम गारमेंट्स की निदेशक कुसुमलता, एनकेजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. के एमडी प्रदीप गर्ग, जेएसपी कंस्ट्रक्शन के एमडी पंकज जैन, तिरुपति कंस्ट्रक्शन के साझेदार विनोद कुमार गोयल के खिलाफ ईडी की विशेष अदालत में परिवाद दायर करके बताया था कि आरोपियों ने करोड़ों के काले धन को फर्जी कंपनियों के जरिए सफेद किया है। विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपियों ने 19 करोड़ 92 लाख रुपये के कालेधन को सफेद किया है।





