मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी, JDU के बाद अब AIADMK का इंतजार

नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी के बारे में कहा जाता है कि वे पहले 3 साल एक सीईओ की तरह बेहतरीन एडमिनिस्ट्रेटर रहते हैं और आखिरी के दो साल में पॉलिटीशियन। अब 2019 के आम चुनाव के लिए महज 20 महीने ही बचे हैं। ऐसे में वे राजनीतिक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। उनकी नजर मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के विधानसभा चुनाव पर भी है। बीजेपी संगठन और केंद्रीय कैबिनेट में बड़े फेरबदल कर वे सियासी समीकरणों के अलावा सामाजिक समीकरणों को भी साधना चाहते हैं। अब जेडीयू के एनडीए में आने के बाद उनकी कोशिश तमिलनाडु की सत्ताधारी एआईएडीएमके को साथ लाने की है।
मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी, JDU के बाद अब AIADMK का इंतजार

 पितृपक्ष से पहले कैबिनेट में फेरबदल…

– बताया जा रहा है कि गणेश चतुर्थी (25 अगस्त) के बाद और पितृपक्ष से पहले कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है।
– तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद AIADMK के पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेलवम और मौजूदा मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी के दो गुटों में बंटा हुआ है।
– सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों गुटों को एकजुट कर एनडीए में शामिल करने की कमान खुद पीएम मोदी ने संभाल रखी है। मोदी दोनों नेताओं से खुद बात कर रहे हैं।
– अरुण जेटली और राष्ट्रीय महासचिव पी. मुरलीधर राव दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटे हैं। दरअसल, दोनों गुटों में सीएम पद और महासचिव पदों को लेकर ठनी हुई है। अब बीच का रास्ता निकालते हुए पन्नीरसेल्वम को सीएम और पलानीसामी को महासचिव बनाने के फार्मूले पर काम हो रहा है।
– बीजेपी के एक रणनीतिकार का दावा है कि इस महीने में ही दोनों गुटों का विलय हो जाएगा और अगले हफ्ते में अमित शाह के दौरे के बाद कुछ तस्वीर उभर कर सामने आएगी।
 
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शपथ की तारीख का ये है गणित

– जेडीयू ने एनडीए में शामिल होने का औपचारिक एलान कर दिया है। अब AIADMK का इंतजार है। अमित शाह 22-23 अगस्त को चेन्नई और 24 अगस्त को कोयंबटूर में होंगे। 22 अगस्त को शाह की अध्यक्षता में कोर ग्रुप की बैठक होगी।
– तमिलनाडु बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक में से एक-दो विधायकों को राज्य सरकार में शामिल कराने और एआईएडीएमके से 2 सांसदों को केंद्रीय कैबिनेट में लाने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
– 6 से 20 सितंबर तक पितृपक्ष है। इसलिए 5 सितंबर तक कैबिनेट में बदलाव करने पर राय बनी है। लोकसभा चुनाव में 20 महीने बचे हैं। इसके मद्देनजर बीजेपी, संघ और सरकार के रणनीतिकार फेरबदल में देरी नहीं चाहते।
– मोदी के 3-5 सितंबर को ब्रिक्स की बैठक में जाने की संभावना है। लिहाजा फेरबदल 2 सितंबर को हो सकता है।

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मिशन 350 की बैठक में बुलाए मंत्रियों को संगठन में लाने के संकेत

– 17 अगस्त को हुई मिशन 350 की बैठक में जिन मंत्रियों को अमित शाह की बैठक में बुलाया गया था, उन्हें संगठन में लाने पर विचार हो रहा है।
– इसमें जेपी नड्‌डा, धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमन, पीयूष गोयल, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर और मनोज सिन्हा समेत नौ मंत्री थे। पार्टी स्पोक्सपर्सन्स में अनुभवी नेताओं की कमी खल रही है। इससे संघ भी नाराज है।

वेमुला केस की जांच कर चुके आयोग के अध्यक्ष रुपनवाल बन सकते हैं एमपी के राज्यपाल

– सुरेश प्रभु, राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूडी बदलाव की जद में आ सकते हैं। 
– गडकरी ने रेलवे को मिलाकर चीन की तर्ज पर एक ट्रांसपोर्ट विभाग बनाने का प्रजेंटेशन दिया था, यह नया विभाग उन्हें मिल सकता है। 
– वेमूला केस में एक सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष रहे एके रुपनवाल मध्य प्रदेश के राज्यपाल बनाए जा सकते हैं। उन्होंने वेमूला के दलित नहीं होने वाली रिपोर्ट दी थी।
– गुजरात से 1 ओबीसी, कर्नाटक से 1 लिंगायत, छत्तीसगढ़, शिवसेना से एक, जेडीयू से 1 मंत्री बनाने पर विचार हो रहा है। 
– 10 से 12 मंत्रियों की छुट्‌टी कर संगठन में लाने की तैयारी हो रही है। 18 से 30 मंत्रियों के विभागों में बदलाव की रणनीति पर विचार चल रहा है। 
– कैबिनेट, बीजेपी संगठन और राज्यपालों की नियुक्तियों के पैकेज पर एक साथ काम हो रहा है। संघ से भी लगातार बात हो रही है।
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