मारने-पीटने के मामले में पूर्व SP सहित 7 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, दर्ज हुआ केस

एक अधिवक्ता को अगवाकर मारने-पीटने के एक मामले में मुसाफिरखाना थाने में जिले के पूर्व एसपी के साथ छह पुलिस कर्मियों व एक जीप स्वामी के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह केस हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ। मामले की विवेचना सुल्तानपुर पुलिस करेगी।मारने-पीटने के मामले में पूर्व SP सहित 7 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, दर्ज हुआ केस

मुसाफिरखाना क्षेत्र के गांव अजियाउर देवी मजरे ऊंचगांव के रहने वाले अधिवक्ता राघवेंद्र द्विवेदी की पत्नी सुमन (ग्राम प्रधान) ने पिछले दिनों हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि मुसाफिरखाना कोतवाली व अलीगंज चौकी पुलिस ने फरवरी माह में उनके पति का अपहरण कर लिया।

 एनकाउंटर की साजिश विफल होने पर पुलिस कर्मियों ने उनके पति पर जानलेवा हमला किया। जमकर पिटाई की। सुमन की याचिका पर हाईकोर्ट ने मानवाधिकार आयोग से मामले की जांच कराई। 

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट ने पिछले दिनों अमेठी के तत्कालीन एसपी कुंतल किशोर गहलोत, मुसाफिरखाना कोतवाल रहे पारसनाथ सिंह व अलीगंज चौकी इंचार्ज रहे दिनेश सिंह और मुसाफिरखाना के सिपाही सूर्यप्रकाश, पुष्पराज, देवेश कुमार व ऋषिराज के साथ ही उस जीप स्वामी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके वाहन से अधिवक्ता का अपहरण हुआ था। 

कोर्ट का आदेश पर अधिवक्ता ने केस दर्ज कराने के लिए मौजूदा एसपी अनुराग आर्य को तहरीर दी। उस तहरीर पर बृहस्पतिवार देर रात पूर्व एसपी समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। दर्ज केस की जांच सुल्तानपुर पुलिस करेगी। 

एसपी अनुराग आर्य ने पूर्व एसपी कुंतल किशोर, पूर्व कोतवाल व पूर्व चौकी इंचार्ज समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। एसपी ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर पर पूर्व एसपी समेत आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। 

विवेचना के लिए प्राथमिकी की प्रति सुल्तानपुर एसपी को भेज दी गई है। दूसरी तरफ अधिवक्ता राघवेंद्र द्विवेदी का कहना कि उनके चलते पुलिस क्षेत्र में अवैध वसूली नहीं कर पा रही थी। इससे नाराज पुलिस ने 24 फरवरी को एक फर्जी केस दर्ज किया तीन दिन बाद अगवा कर उनकी निर्ममता से पिटाई की थी।

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