मां कात्यायनी की आरती से दूर होंगे सभी कष्ट, विवाह में आ रही बाधा होगी दूर

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 24 मार्च को चैत्र नवरात्र का छठा (Chaitra Navratri Day 6) दिन है। छठे दिन मां कात्यायनी की साधना करने का विधान है। साथ ही जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधा से छुटकारा मिलता है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
अगर आप भी मां कात्यायनी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो चैत्र नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की आरती (Maa Katyayani Aarti) जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि देवी कि आरती करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और पति-पत्नी के बीच प्रेम और मधुरता बढ़ती है। आइए पढ़ते हैं मां कात्यायनी की आरती।
मां कात्यायनी की आरती (Maa Katyayani Puja)
जय जय अम्बे जय कात्यायनी।
जय जग माता जग की महारानी॥
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहावर दाती नाम पुकारा॥
कई नाम है कई धाम है।
यह स्थान भी तो सुखधाम है॥
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी।
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भगत है कहते॥
कत्यानी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की॥
झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली॥
बृहस्पतिवार को पूजा करिए।
ध्यान कात्यानी का धरिये॥
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी॥
जो भी मां को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥
मां कात्यायनी की स्तुति
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां कात्यायनी की प्रार्थना
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥
मां कात्यायनी बीज मंत्र
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम
मंत्र
ओम देवी कात्यायन्यै नमः॥
एत्तते वदनम साओमयम् लोचन त्रय भूषितम।
पातु नः सर्वभितिभ्य, कात्यायनी नमोस्तुते।।
करें ये उपाय
अगर आपके विवाह में देरी हो रही है, तो समस्या से मुक्ति पाने के लिए नवरात्र के छठें दिन विधिपूर्वक से मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना करें और व्रत रखें। देवी को छह गांठ हल्दी अर्पित करें। इसके पत्ता और नारियल भी चढ़ाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं और पति-पत्नी के रिश्ते मजबूत होते हैं।





