मशहूर लखनऊ को क्रिएटिव सिटी की सूची में शामिल करने के लिए आज होगा मंथन, तय होगी दिशा

कला-संस्कृति के लिए मशहूर लखनऊ को क्रिएटिव सिटी (सिटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर) की सूची में शामिल करने के लिए सोमवार यानी आज प्रमुख सचिव बैठक करेंगे। यह बैठक जयपुर को क्रिएटिव सिटी में शामिल कराने वाले कंसल्टेंट टीम के साथ प्रमुख सचिव कार्यालय में होगी। संस्कृति विभाग ने यूनेस्को को 30 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। संस्कृति विभाग 25 जून से पहले ही रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में लगा हुआ है।

लखनऊ को यूनेस्को की क्रिएटिव सूची में सम्मिलित कराने के लिए चल रही कवायद में अभी तक कई बैठक और कलाकारों से सुझाव और सहयोग लिया गया है। संगीत नाटक अकादमी की सचिव रूबीना बेग ने बताया कि इस वर्ष यूनेस्को ने भारत के दो शहरों का चयन क्रिएटिव सिटी लिस्ट में किया जाना है, जिसमें लखनऊ ने संगीत विधा को केंद्र मानकर अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। हमें अपना विस्तृत प्रस्ताव भेजना है, जिसमें लखनऊ की विभिन्न विशिष्टताओं का समावेश होगा। अभी तक जो भी सुझाव आए उनकी एक रिपोर्ट तैयार की गई, जो प्रमुख सचिव के सामने पेश की जाएगी। 20 जून तक जितने भी सुझाव व जानकारी एकत्रित होंगी, उसकी विस्तृत एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। हम लोग पूरे शहर को सम्मिलित कर हर पहलू पर ध्यान दे रहे हैं। इसमें शहर की कला संगीत से जुड़ी संस्थाएं और विभाग से जानकारी ले रहे हैं।

  • फिल्म निर्देशक मुजफ्फर अली के मुताबिक, तहजीब व तमीज के शहर को यूनेस्को क्रिएटिव सिटी की सूची में शामिल होने से लखनऊ को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान व प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
  • लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने बताया कि लखनऊ की संस्कृति को बेजोड़ है, क्रिएटिव सूची में सम्मिलित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को प्रभावशाली बनाना होगा, हम लोग इस पर काम कर रहे हैं।
  • पखावज वादक डॉ. राज खुशीराम का कहना है कि उम्मीद है कि लखनऊ को क्रिएटिव सिटी की सूची में शामिल किया जाएगा। इसके लिए जो भी सहयोग मांगा जा रहा है, हम दे रहे हैं।
  • संस्कृति सलाहकार अभिलाषा वॉल के मुताबिक, शहर की संस्थाओं से जानकारी मांगकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि लखनऊ क्रिएटिव सिटी की सूची में शामिल होगा।
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