मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में हुई आफत की बारिश में पांच लोगों की मौत..

मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों में आफत की बारिश हुई है। झमाझम बारिश से जहां कई क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं वहीं पांच लोगों की मौत हो गई। राज्य के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूट गया। बालाघाट के लालबर्रा थाना क्षेत्र के एक आरक्षक की मौत बाढ़ के पानी में बहने से हो गई। आरक्षक के अलावा बाढ़ के पानी में बहने वालों में किंदरई थाने के मवई गांव के निवासी सुमत भगदिया और श्याम लाल धुर्वे शामिल हैं।।
तीनों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर घंसौर से किंदरई की ओर जा रहे थे। रात्रि करीब 10.30 बजे जैसे ही वे गोकलाा नाला क्षेत्र में पहुंचे, इसी दौरान उफनते नाले को पार करने के प्रयास में बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ गया और वे बहाव में बह गए। जानकारी मिलने पर पुलिस ने उनकी खोजबीन की। राहत दल भी मौके पर पहुंचा। इसी दौरान तीनों के शव मिले। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए घंसौर अस्पताल ले जाया गया।
नरसिंहपुर में विभिन्न स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति बन गई। बारिश से खेतों को भी नुकसान हुआ है। खेतों में लगी धान की फसल पर तेज बारिश का खासा असर हुआ है। दूसरी ओर डिंडोरी में झमाझम बारिश से जगह-जगह जल भराव हो गया।
तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी में भी उफान है। चकरार नदी में आए उफान से डिंडोरी से अमरपुर मार्ग सुबह करीब 5 बजे से बंद है।जबकि सतना के नादन थाना क्षेत्र के ग्राम झाली में तड़के करीब 4 बजे तेज बारिश के कारण एक मकान भरभराकर ढह गया। जिससे मकान में रहने वाले मां-बेटे की मौत ह गई। मृतकों के नाम इंद्रभान पटेल 50 वर्ष और माता रनिया पटेल 70 वर्ष बताए गए हैं।
बताया गया है कि उक्त मकान कच्चा था, तेज बारिश के कारण मकान ढह गया। मकान के मलबे में दबने से मां-बेटे की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतकों को शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दूसरी ओर केन नदी के पडरिया पुल पर बाढ़ का पानी आ गया है। तेज बारिश के कारण पन्ना-सतना मार्ग बंद हो गया है।





