भाजपा ने मणिपुर में अपना पहला वादा पूरा किया

मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद राहत की खबर है। पिछले पांच महीने से राज्य में यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) के आह्वान पर जारी आर्थिक नाकाबंदी रविवार मध्य रात्रि से खत्म हो गई। केंद्र, राज्य सरकार और नगा समूहों के बीच बातचीत की सफलता के बाद इसे हटाया गया। वहीं राज्य की सत्तासीन वीरेन सिंह सरकार आज सदन में अपना बहुमत साबित करेगी।
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इबोबी सिंह के नेतृत्व में पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा सात नए जिले बनाने के विरोध में यूएनसी ने एक नवंबर से आर्थिक नाकाबंदी लागू किया था। नाकाबंदी के चलते राज्य में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो गई थी और उनकी कीमतें काफी बढ़ गई थीं।
सेनापति जिला मुख्यालय में त्रिपक्षीय बातचीत के बाद नाकाबंदी खत्म करने को लेकर संयुक्त बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि यूएनसी के गिरफ्तार नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाएगा। इसके अलावा आर्थिक नाकाबंदी को लेकर नगा जनजाति नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएंगे। राजनीतिक स्तर पर त्रिपक्षीय वार्ता का अगला दौर एक महीने के भीतर होगा।
संयुक्त बयान पर केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग, मणिपुर के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) जे. सुरेश बाबू, आयुक्त (निर्माण) राधाकुमार सिंह, यूएनसी के महासचिव एस. मिलन और ऑल नगा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सेठ शतसंग ने हस्ताक्षर किए।
इससे पहले नाकाबंदी खत्म करने को लेकर सात फरवरी को इंफाल में त्रिपक्षीय वार्ता विफल हो गई थी। उससे पहले चार फरवरी को संबंधित पक्षों ने दिल्ली में बैठक की थी जिसमें केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई थी कि नाकाबंदी जल्द खत्म होगी।
राज्यपाल ने जताई खुशी
मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने नवगठित सरकार के पहले कदम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “नाकाबंदी खत्म होने से शांति और खुशहाली के नए युग की शुरुआत होगी। सभी समुदायों के बीच तालमेल चौरतफा विकास के लिए सबसे अहम है।”
राज्य के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा, “नाकाबंदी हटना शुरुआत मात्र है। मेरी सरकार राज्य के लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए गए वादों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।”





