मंदिरों के भोग से लेकर राजाओं की दावत तक, सदियों पुराना है पायसम का इतिहास

त्योहार हो, शादी हो या कोई खास फंक्शन, मिठाईयों के बिना खुशियां अधूरी सी लगती हैं। ऐसी ही भारत की एक फेमस स्वीट डिश है पायसम। यह खाने में स्वादिष्ट, मलाईदार और मीठी होती है, जो दक्षिण भारत के घरों में खासतौर पर बनाई जाती है और इसे भारत के अन्य हिस्सों में खीर के नाम से भी जाना जाता है।
केरल और तमिलनाडु में सदियों से इसे स्वीट डिश के तौर पर बनाया जाता है। आइए आज हम आपको पायसम की इतिहास के बारे में बताते हैं।
पायसम की इतिहास क्या है?
आपको जानकर हैरानी होगी कि पायसम का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि यह पुराने समय में मंदिरों में भोग के रूप चढ़ाया जाता था और फिर भक्तों में बांटा जाता था।
बता दें कि पायसम का सबसे पहला जिक्र करीब 400 ईसा पूर्व के बौद्ध और जैन ग्रंथों में हुआ है। 12वीं सदी के संस्कृत ग्रंथ ‘मानसोल्लास’ में भी इसके बारे में बताया गया है, जहां इसे राजाओं की शाही दावत के बीच में परोसा जाता था।
इतिहास में पायसम को समृद्धि, खुशहाली और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता था। सदियों पुरानी यह रॉयल डिश आज भी हमारे हर त्योहार की शान बनी हुई है। ऐसा माना जाता था कि गर्म मौसम के लिए यह बेहतरीन ऑप्शन है और इसे खाने से शरीर और मन दोनों ठंडा रहता है। आइए अब जानते हैं पायसम बनाने की आसान रेसिपी के बारे में।
पायसम की रेसिपी
सामग्री
चावल – 100 ग्राम
फुल क्रीम दूध – 1 लीटर
गुड़ – 150 ग्राम
घी – 1 छोटी चम्मच
काजू – 50 ग्राम कटे हुए
बादाम – 50 ग्राम कटे हुए
किशमिश – 50 ग्राम
केसर – 7-9 रेशे
इलायची पाउडर – 1 छोटी चम्मच
स्टेप 1 : पायसम बनाने के लिए आप सबसे पहले एक कढ़ाई लें और उसमें घी डालकर उसे गर्म होने दें। कढ़ाई गर्म होने के बाद उसमें सभी ड्राई फ्रूट्स को अच्छी तरह से सुनहरा होने तक भून लें और इसे बाद में इस्तेमाल करने के लिए एक अलग कटोरी में निकाल लें।
स्टेप 2 : अब घी वाले कढ़ाई में चावल डालकर थोड़ी देर भून लें। ऐसा करने के कुछ देर बाद आप उसमें दूध, केसर, गुड़, इलायची पाउडर डालकर थोड़ी देर चलाएं और इसे अच्छी तरह से पकने दें। आप इसे तब तक पकाएं जब तक दूध आधा न हो जाए।
स्टेप 3 : दूध में चावल अच्छी तरह से पकने के लिए बाद उसमें भुने हुए ड्राई फ्रूट्स शामिल करें और कुछ देर उसे उबलने दें। फिर थोड़ी देर बाद आप आंच बंद करके सबको सर्व कर सकते हैं।





