पड़ोसी देश पाकिस्तान की मुद्रा भारत की अठन्नी से भी ज्यादा गिर गई है। जहां भारत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 69.58 के स्तर पर है, वहीं पाकिस्तानी रुपया 144 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मुद्रा शुक्रवार को अब तक के सबसे निचले स्तर तक गिर गई। एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की विनिमय दर 144 रुपये प्रति डालर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई।
बढ़ गया चालू खाता घाटा
पाकिस्तान में चालू खाता घाटा भी काफी बढ़ गया है। अब उसके पास विदेशी मुद्रा भंडार भी काफी कम है। रुपये में जारी गिरावट पर स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा है, ”यह बाज़ार में जारी उठा-पटक का नतीज़ा है। हालात पर हमलोगों की नज़र बनी हुई है।
आईएमएफ से लेगा 6 अरब डॉलर का कर्ज
एक डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 144 रुपये का हो गया है। चर्चा है कि इस स्थिति से उबरने के लिए वह आईएमएफ से कर्ज लेगा। इससे पहले उसने 2013 में आईएमएफ से कर्ज लिया था। विशेषज्ञों का कहना है कि आईएमएफ करेंसी की वैल्यू घटाने के लिए कह सकता है। इसलिए पाकिस्तान यह दिखाना चाहता है कि वह पहले से इसकी तैयारी कर रहा है।
इमरान सरकार के 100 दिन पर तोहफा
पाकिस्तानी रुपये में यह गिरावट पाकिस्तान की इमरान खान के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में 100 दिन पूरे होने के एक दिन बाद आई है। इमरान खान की सरकार इन सौ दिनों में देश में निवेश बढ़ाने और उसे विकास के रास्ते पर लाने की उपलब्धि गिना रही है।
बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया 134 पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को यह 10 रुपये और टूट गया। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में यह 142 के स्तर पर खुला लेकिन दिन में और दो रुपये टूटकर 144 के स्तर तक गिर गया।
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पीटीआई-भाषा से कहा, बाजार में अफरा-तफरी का माहौल और डालर लिवाली का जोर है, लेकिन इसका समाधान कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लेने पर चल रही बातचीत को देखते हुये यह गिरावट आई है।
विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने हाल ही में मुद्रा कोष से राहत पैकेज की मांग की है। इस पर मुद्रा कोष ने पाकिस्तान से चीन से मिलने वाली वित्तीय सहायता की पूरी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था की मजबूती के वास्ते ईंधन के दाम बढ़ाने और कर दरों में वृद्धि करने को कहा है।
पाकिस्तान की एक्सचेंज कंपनियों के संघ के महासिचव जफर प्राचा ने कहा कि आईएमएफ के साथ कोई भी समझौता होने से पहले गिरावट जारी रहने की उम्मीद है।