‘भाजपा में आया भूचाल’ इस दिग्गज नेता ने पार्टी सांसद को कहा- ‘सूरज अस्त बंदा मस्त’

सूबे में भयंकर गलन है…लेकिन राजनीतिक पारा हाई है। यहां के एक जिले में दो भाजपाइयों के आमने-सामने आ जाने से राजनीति में भूचाल आने के कयास लगाए जा रहे हैं। एक पूर्व सांसद तो दूसरे वर्तमान सांसद एक दूसरे पर जुबानी तीर चला रहे हैं। इन तीरों से सूबे की सियासत को क्या नफा-नुकसान होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन जुबानी जंग से जिले में चर्चाओं का दौर गर्म हो चुका है। बीते दिनों जिले में एक सम्मेलन के दौरान शराब की शीशियां चर्चा में आई थीं। इसके बाद वर्तमान सांसद ने पूर्व सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस दौरान पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने वर्तमान सांसद अंशुल वर्मा पर एक तंज कसा था जिसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि जिले की राजनीति गर्म हो सकती है। लेकिन सियासत का पारा इतना हाई हो जाएगा इसकी भी किसी को भनक न थी।

हरदोई जिले के श्रवण देवी मंदिर परिसर में बीती छह जनवरी को आयोजित पासी सम्मेलन में कथित रूप से लंच पैकेट में शराब वितरित किए जाने का मामला फिर गरमा गया है। कथित रूप से शराब वितरित किए जाने को लेकर सदर सांसद अंशुल वर्मा के आरोपों पर पूर्व सांसद भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने सांसद को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि जिस सांसद के बारे में सूरज अस्त बंदा (एमपी) मस्त कहा जाता हो, वह क्या आरोप लगाएंगे।
नरेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि कुछ लोग जूते पहनकर हैंडपंप के पानी से श्रवण देवी मंदिर परिसर को इसलिए शुद्ध करने गए थे क्योंकि यहां पासी सम्मेलन का आयोजन हुआ था। लंच पैकेट में शराब के वायरल वीडियो पर उन्होंने कहा कि मेरे कार्यक्रमों में बच्चे नहीं आते, जबकि वीडियो में दो बच्चों को दिखाया गया है।
अपने आवास पर नरेश अग्रवाल ने कहा कि भाजपा को मजबूत करने की दृष्टि से उनके विधायक पुत्र नितिन अग्रवाल ने 6 जनवरी को श्रवण देवी मंदिर परिसर में पासी सम्मेलन का आयोजन किया था। इस आयोजन को लेकर एक सांसद ने मुख्यमंत्री को लंबा चौड़ा पत्र लिख दिया। पत्र में आरोप लगाए गए थे कि सम्मेलन में लंच पैकेट में शराब वितरित की गई।
पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि जिस सांसद के लिए आम तौर पर कहा जाता है कि सूरज अस्त बंदा मस्त, वह कुछ कहे तो उसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है सांसद अपने पांच साल की असफलताओं को इधर-उधर के मुद्दों से छिपाना चाह रहे हों।
उन्होंने कहा कि हमारा अपमान करके वह प्रसिद्ध नहीं होंगे। हमसे विरोध ले रहे हैं, यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पासी समाज के कुछ विरोधियों ने आठ जनवरी को जूते पहनकर हैंडपंप के पानी से श्रवण देवी मंदिर परिसर को शुद्ध करने की बात कही। शुद्धीकरण करने वालों ने बताया कि गंगाजल था, लेकिन शुद्धीकरण इसलिए किया गया क्योंकि वहां पासी सम्मेलन का आयोजन हुआ था। नरेश अग्रवाल ने कहा कि वह जल्द ही फिर से श्रवण देवी मंदिर परिसर में पासी सम्मेलन का आयोजन करेंगे।





