कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों, पदाधिकारियों की बैठक चल रही है। यह बैठक 15, गुरुद्वारा रकाबगंज में हो रही है। बैठक का मकसद 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत बनाकर भाजपा के लिए मुसीबत खड़ा करने की रणनीति पर चर्चा है। इस बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए जाएंगे। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी तथा महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लखनऊ में अघोषित शक्ति प्रदर्शन की रूपरेखा में जुट जाएंगे। 
राहुल, प्रियंका और ज्योतिरादित्य के लखनऊ दौरे को सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने जोरदार तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस करीब सप्ताह भर से इसकी योजना बना रही है। कांग्रेस पार्टी की यह शीर्ष तिकड़ी 11 फरवरी को लखनऊ पहुंच रही है। योजना एक जोरदार रोड-शो की है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि पहले दिन ही जनता के उमडने वाले आकर्षण से विरोधी दलों के नेताओं की नींद उड़ सकती है।
रोड-शो के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, शीर्ष पदाधिकारियों से मंत्रणा करेंगे। लखनऊ में भी राफेल लड़ाकू विमान सौदे का मुद्दा उठेगा। राहुल गांधी इसको लेकर मोदी सरकार पर वहां बड़ा राजनीतिक हमला भी कर सकते हैं। इसके बाद देर शाम तक कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली लौट आएंगे। अगला सप्ताह संसद के बजट सत्र के लिए अहम है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी कर्नाटक सरकार को अस्थिर किए जाने का मुद्दा उठा सकती है। मंगलवार और बुधवार को संसद में कामकाज का आखिरी दौर रहेगा। इसे ध्यान में रखकर कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली में ही रह सकते हैं।
प्रियंका डालेंगी लखनऊ में डेरा
राहुल गांधी सोमवार की देर शाम लखनऊ से लौट आएंगे, लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा वहां डेरा डालेंगी। प्रियंका के लखनऊ में दो-तीन दिन तक रुकने का कार्यक्रम है। हालांकि कांग्रेस पार्टी के नेता अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि वह चार दिन लखनऊ में रहेंगी। सिंह के अनुसार प्रियंका 14 फरवरी को दिल्ली लौटेंगी। इन चार दिनों में लखनऊ और आस-पास रहकर वह भरपूर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करेंगी। प्रियंका के लखनऊ में होने के कारण पार्टी के राज्यसभा सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भी वहीं रहेंगे।
कांग्रेस के नेता चले लखनऊ की ओर
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के आस-पास के गेस्ट हाऊस बुक हो चुके हैं। प्राप्त सूचना के अनुसार नेता और दिल्ली के मीडिया कर्मी तीन-चार दिन के लिए वहां डेरा डालकर रहेंगे। कांग्रेस पार्टी के प्रचार अभियान से जुड़े रणनीतिकारों ने भी लखनऊ का रुख कर लिया है। बताते हैं लखनऊ में कांग्रेस को राज्य में धार देने की रणनीति पर चर्चा होगी। इस रणनीति में पार्टी की चुनाव तैयारी, प्रत्याशियों का चयन समेत सब शामिल है।