बोर्ड एग्जाम के दिनों में बच्चे का स्ट्रेस कम करने के लिए पैरेंट्स अपनाएं 4 टिप्स

बोर्ड एग्जाम नजदीक आते ही घर का माहौल बदल जाता है। किताबों का ढेर, सिलेबस की चर्चा, दीवार पर चिपका टाइम-टेबल और अच्छे नंबरों की चिंता सताती है। इन सबके बीच बच्चे अक्सर दबाव में आ जाते हैं, जिससे उन पर तनाव काफी बढ़ जाता है।
इन दिनों बच्चों के मन में कई सवाल घूमने लगते हैं अगर नंबर कम आए तो? अगर पेपर मुश्किल हुआ तो? क्या सबकी उम्मीदों पर खरा उतर पाएंगे? ऐसे में पेरेंट्स अगर बच्चे का समझदारी से साथ दें, तो वे उसका तनाव कम कर सकते हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान टिप्स जो बच्चों का स्ट्रेस कम कर सकते हैं।
किसी से तुलना न करें
कई माता-पिता अपने बच्चों की तुलना अन्य बच्चों से भी करते हैं। अगर आप में भी यही आदत से है, तो इसे आज ही बदल दें। अनजाने में की गई यह तुलना बच्चों पर दबाव बनाती है और मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करता है। यह आदत बच्चों का आत्मविश्वास कम कर सकती है। हर बच्चे की क्षमता अलग होती है। इसलिए माता-पिता को तुलना की बजाय उनकी मेहनत की तारीफ करनी चाहिए।
खुलकर बात करें
एग्जाम पास आते ही बच्चों के मन में पढ़ाई का डर सताने लगता है। इस समय माता-पिता को बच्चों से सिर्फ कितना पढ़ लिया? ये पूछने की बजाय ये पूछना चाहिए कि बच्चा कैसा महसूस कर रहा है। अगर बच्चा घबराया हुआ है या ज्यादा स्ट्रेस ले रहा है, तो उसे यह समझाएं कि थोड़ा तनाव होना आम बात है। इस समय ज्यादा टेंशन लेने की जगह दिमाग को शांत रखें, जिससे पढ़ाई में भी फोकस बढ़ता है।
पॉजिटिव माहौल बनाएं
एग्जाम के दौरान बच्चों का स्ट्रेस लेवल बढ़ने का कारण घर का माहौल भी होता है। इसलिए इन दिनों पेरेंट्स को घर का माहौल शांत बनाए रखना बेहद जरूरी है। बेवजह की डांट-फटकार या बहस बच्चे के तनाव को बढ़ा सकती है।
असफलता का डर कम करें
कई पेरेंट्स अपने बच्चों पर रिजल्ट का काफी दबाव बनाते हैं, जिससे बच्चों के मन में काफी डर बैठ जाता है। इस तनाव को कम करने के लिए माता-पिता को बच्चों से साफ शब्दों में कहना चाहिए कि नंबर जरूरी है, लेकिन मेहनत ही असली जीत है। ऐसा कहने से बच्चों में असफलता का डर कम होता है।





