बीएड प्रवेश परीक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन, संचालकों पर एफआईआर की मांग

लखनऊ। रविवार को कोरोना महामारी के बीच चार माह के लाॅकडाउन के बाद सूबे में पहली बार प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों को मास्क पहनना और सैनिटाइजर रखना अनिवार्य किया गया था, इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का जमकर उल्लंघन हुआ। 

एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोरोना से बचाव के समस्त निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन होने के संबंध में परीक्षा संचालक लखनऊ विश्वविद्यालय के अधिकारीगण के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग की है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में नूतन ने कहा कि जहाँ एक ओर केंद्र एवं राज्य सरकारें निरंतर कोरोना से बचाव के लिए नए-नए निर्देश दे रही है, वहीँ इस परीक्षा ने इन पूरे प्रयासों को मिटटी में मिला दिया। लाखों की संख्या में अभ्यर्थी एवं अन्य लोग भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर एकसाथ एकत्र हुए तथा सोशल डिस्टेंस का नियम पूरी तरह दरकिनार हो गया और लोक स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ हुआ।

नूतन ठाकुर ने कहा कि परीक्षा संचालक इन तथ्यों से पूरी तरह भिज्ञ थे। इसके बाद भी वे जानबूझ कर इस ओर पूरी तरह लापरवाह रहे। उन्होंने उत्तरदायी अधिकारीगण के विरुद्ध महानगर थाना, लखनऊ में एफआईआर दर्ज कराने और गत 16 अगस्त को यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा संपादित होने वाले बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) प्रवेश परीक्षा को स्थगित किये जाने की भी मांग की है।

Back to top button