बिरयानी के चावल हो जाते हैं चिपचिपे या फीके? ये आसान टिप्स अपनाएं

बिरयानी सिर्फ एक टेस्टी डिश ही नहीं, बल्कि एक खुशबूदार एहसास भी है, क्योंकि इसकी खुशबू जैसे ही किचन से बाहर में फैलती है, हर किसी का मन ललचा उठता है। चाहे मटन बिरयानी हो, चिकन, अंडा या वेज बिरयानी सही तकनीक और सावधानियों के बिना इसका स्वाद अधूरा रह सकता है।

बिरयानी बनाने की कला जितनी खास है, उतनी ही नाजुक भी है। अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो आपकी बनी बिरयानी भी किसी रेस्टोरेंट से कम नहीं लगेगी। आइए जानते हैं बिरयानी बनाते समय किन जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए

बासमती चावल का सही चुनाव
हमेशा लंबे दानों वाला बासमती चावल इस्तेमाल करें। यह पकने पर दाने-दाने अलग रहता है और बिरयानी का असली लुक और स्वाद तभी आता है।

चावल को पहले भिगोएं
चावल को धोकर 30–40 मिनट तक पानी में भिगोएं। इससे पकने पर वह सॉफ्ट भी बनेगा और टूटेगा भी नहीं।

चावल को 80% तक ही पकाएं
बिरयानी में चावल पूरी तरह से नहीं पकाना चाहिए। 70-80% तक उबालें जिससे दम पर पकने के दौरान वह एकदम परफेक्ट बने।

मसालों का संतुलन बनाए रखें
तेज मिर्च या ज्यादा गरम मसाला डालने से स्वाद कड़वा हो सकता है। इसलिए हर मसाले का बैलेंस में उपयोग करें।

मेरिनेशन को नजरअंदाज न करें
मटन, चिकन या पनीर को दही, अदरक-लहसुन पेस्ट और मसालों में कम से कम 2-3 घंटे के लिए मेरिनेट करें, जिससे स्वाद अंदर तक जाए।

भुनी प्याज (बरिस्ता) सही से बनाएं
धीमी आंच पर प्याज को सुनहरा और करारा भूनें। यह बिरयानी की लेयरिंग में स्वाद और रंग दोनों लाता है।

लेयरिंग में कोई जल्दबाजी न करें
चावल, सब्जी/मीट, पुदीना, धनिया, घी, केसर दूध और बरिस्ता की परतें एक-एक कर ध्यान से लगाएं।

केसर का प्रयोग
थोड़े गर्म दूध में केसर भिगोकर ऊपर से डालने से बिरयानी में रंग और खुशबू दोनों शानदार आते हैं।

दम देना बहुत जरूरी है
बिरयानी को धीमी आंच पर कम से कम 20-25 मिनट तक दम पर रखें जिससे हर परत में मसालों का स्वाद समा जाए।

तुरंत परोसने से बचें
बिरयानी को पकने के बाद 10 मिनट ढककर छोड़ें। इससे इसका स्वाद और भी निखरता है।

इन सभी बातों का ध्यान रखकर आप हर बार टेस्टी, सुगंधित और मन को भाने वाली बिरयानी तैयार कर सकते हैं, एक ऐसी डिश जो खाने वालों को हमेशा याद रहेगी।

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