बारामती में हुआ अजित पवार का अस्थि विसर्जन, चाचा शरद पवार समेत परिवार के करीबी लोग हुए शामिल

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अस्थियों का विसर्जन शुक्रवार को बारामती के संगम तट पर हुआ। विसर्जन के इस कार्यक्रम में परिवार के अलावा बेहद करीबी लोग ही शामिल हुए।
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन शुक्रवार को बारामती में संगम तट पर किया गया। इस मौके पर उनके बेटे जय पवार और पार्थ पवार के अलावा एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार भी मौजूद रहे। इससे पहले सुबह दिवंगत नेता के परिवार के सदस्यों और एनसीपी नेताओं ने विद्या प्रतिष्ठान मैदान से उनकी अस्थियां ग्रहण कीं। इसके बाद विधि-विधान के साथ संगम तट पर अस्थि विसर्जन संपन्न हुआ।
29 जनवरी को राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
गौरतलब है कि अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में निधन हो गया था। इस दुर्घटना में उनके साथ चार अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। हादसे के अगले दिन, 29 जनवरी को, उनका अंतिम संस्कार बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए और अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
‘अजित दादा अमर रहें’ के नारों से गूंजा बारामती
अंतिम संस्कार की रस्में गुरुवार को दोपहर में शुरू हुईं। अजित पवार के पुत्र पार्थ और जय ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उनकी पत्नी एवं राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार अपने आंसू नहीं रोक सकीं। जब पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर उनके गांव काटेवाड़ी से विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया, तो वहां मौजूद हजारों लोगों ने ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाए। इससे पूरा माहौल शोकाकुल हो गया।
कैसे हुआ था हादसा?
यह हादसा बुधवार को उस समय हुआ, जब अजित पवार का विमान बारामती एयरस्ट्रिप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान लैंडिंग से करीब 200 मीटर पहले गिर गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना में अजित पवार सहित चार अन्य लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पायलट कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक, सुरक्षा अधिकारी विदीप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं। सभी के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
हादसे की जांच में जुटी AAIB की टीम
इस हाई-प्रोफाइल विमान दुर्घटना की जांच के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की यह टीम हादसे वाले दिन ही घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई थी। वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने गुरुवार को मीडिया से कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और जांच रिपोर्ट आने से पहले कोई भी बयान देना जल्दबाजी होगी।





