बंगाल में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर निर्देश जारी

बंगाल में नई सरकार बनने के साथ ही प्रशासनिक सख्ती का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए।

कहा कि किसी भी हालत में निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और ऐसा कोई भी आयोजन स्वीकार्य नहीं होगा, जिससे आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो।

सरकार ने साफ किया है कि सुबह छह बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

पर्यावरण मानकों के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि की अधिकतम सीमा 55 डेसिबल निर्धारित है, जबकि विशेष अवसरों पर इसे 65 डेसिबल तक सीमित छूट दी जाती रही है लेकिन नई सरकार इस ढील को खत्म कर नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

लंबे समय से धार्मिक आयोजनों में तेज आवाज के कारण आम लोगों, खासकर मरीजों और बुजुर्गों को हो रही परेशानी को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है।

दिन के समय भी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए पुलिस की अनुमति अनिवार्य होगी और साउंड लिमिटर का उपयोग करना होगा।

औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के लिए निर्धारित डेसिबल सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था पहले से मौजूद कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेशों के अनुरूप है।

Back to top button