फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाला गैंग गिरफ्तार, खाकी पगड़ी और थानेदार के जूतों से फैलाते थे दहशत

जालंधर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच अब अपराधियों ने पुलिस की वर्दी का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में थाना नई बारादरी पुलिस ने फर्जी पुलिस कर्मी बनकर लूटपाट करने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कर्णवीर सिंह उर्फ करन, सरबजीत सिंह उर्फ शेंटी, अमनपाल सिंह उर्फ रिंकू और मनप्रीत सिंह उर्फ मंत्र के रूप में हुई है, जो सभी कोट बाबा दीप सिंह नगर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और एक दातर बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार यह गैंग रात के समय अकेले राहगीरों को निशाना बनाता था। आरोपी खाकी पगड़ी बांधकर, थानेदार के जूते पहनकर और ऊपर से जैकेट डालकर खुद को पुलिसकर्मी बताते थे। वारदात का खुलासा 13 जनवरी की रात हुआ, जब राज कुमार शर्मा और उसका दोस्त मनप्रीत दिल्ली से ट्रेन से सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे और बस अड्डे की ओर पैदल जा रहे थे। लाडोवाली रोड पर बाइक सवार तीन युवकों ने उन्हें रोका, देर रात घूमने का डर दिखाया और 9,660 रुपये नकद व आईफोन लूटकर फरार हो गए।
थाना नई बारादरी के एसएचओ रविंदर कुमार की टीम ने शिकायत के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर आरोपी नजर आए। पुलिस पहले से चौकस थी और जैसे ही आरोपी दोबारा वारदात को अंजाम देने पहुंचे, इस बार असली पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले घूम-फिरकर चश्मे बेचते थे, लेकिन नशे की लत लगने के बाद पैसों के लिए दो महीने पहले गैंग बना लिया।
आरोपियों ने कबूल किया कि उन्हें याद भी नहीं कि बीते दो महीनों में कितनी वारदातें कर चुके हैं। इतना ही नहीं, आरोपियों ने दिन के समय भी खुद को पुलिस बताकर एक मजदूर के घर से उसकी बाइक यह कहकर ले ली कि वह ट्रिपलिंग करते कैमरे में कैद हुआ है। फिलहाल पंजाब पुलिस आरोपियों के अन्य लिंक खंगाल रही है और यह भी जांच की जा रही है कि उन्हें नशा कौन सप्लाई करता था और कहीं इसकी तस्करी तो नहीं की जा रही थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।





