पढ़ें अखबार, रहें आगे

हर दिन अखबार पढ़कर हम खुद को देश-दुनिया में हो रही घटनाओं और सुर्ख़ियों से अपडेट तो रख ही पाते हैं, अपनी भाषा और वर्तनी में भी लगातार सुधार कर पाते हैं। इसका फायदा हमें कॉम्पटीटिव एवं अन्य एग्जाम में भी मिलता है।
बचपन के दिनों में बड़े-बुजुर्ग हमेशा इस बात पर जोर डालते थे कि सुबह उठते ही पहला काम अखबार पढऩा होना चाहिए। हम ऐसा करके खुद को देश-दुनिया में हो रही घटनाओं और सुर्ख़ियों से अपडेट तो रख ही पाते हैं, साथ ही अपनी भाषा और वर्तनी में भी लगातार सुधार करते हैं। इसका फायदा हमें कॉम्पटीटिव एवं अन्य एग्जाम में भी मिलता है। हालांकि इन दिनों टेक्नोलॉजी पर लगातार आश्रित रहने की वजह से हम वर्चुअल वल्र्ड में ज्यादा और रीयल वल्र्ड में कम रह रहे हैं।
इससे नुकसान सिर्फ हमारा ही हो रहा है। अगर आप अखबार पढऩे के लिए जल्दी जागने की आदत डाल लेंगे, तो सूर्योदय के साथ-साथ जग जाएंगे और ऐसे में आपके पास पूरा दिन पढ़ाई करने के लिए है। सुबह उठने की वजह से आप ठंडी और साफ हवा से भी रूबरू भी होते हैं।
जनरल नॉलेज बढ़ती है : कहा जाता है कि आज के अखबारों की लीड खबरें कल जनरल नॉलेज किताब के पन्नों में होती हैं। किसी भी सजग स्टूडेंट और खासतौर पर कम्पटीशन की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स अखबार से जितनी जल्दी दोस्ती कर लें, उतना बेहतर है। यदि आप रोजाना न्यूजपेपर पढ़ते हैं, तो करंट अफेयर्स के साथ कई और जानकारियों से भी अपडेट रहेंगे। यह आपके लिए हर लिहाज से फायदेमंद साबित होगा।
भाषा में सुधार होगा : इस बात में तो कोई शक नहीं कि सिर्फ अच्छे रीडर्स ही अच्छे लीडर्स हो सकते हैं। अखबार लगातार पढऩे से आप अपनी लैंग्वेज स्किल में जबरदस्त इंप्रूवमेंट महसूस कर सकेंगे, साथ ही आपकी डिक्शनरी में इंप्रूवमेंट होगा। इसके अलावा ग्रुप डिस्कशन में भी निखरते हैं। वे अपनी बातों को बिना किसी हिचकिचाहट कहीं भी रखने में सहज होते हैं।
साथ ही रोज अखबार पढऩे से आपके वर्ड पावर में इजाफा होता है। आज किसी भी तरह के बढिय़ा कम्पटीशन और नौकरी के लिए अंग्रेजी एक अनिवार्य विषय होता है। ऐसे में आपका रोजाना न्यूजपेपर पढऩा हर तरह से फायदेमंद साबित होगा।





