यमुनानगर |बुड़िया गांव की रहने वाली गर्भवती शायना की मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसमें स्वाइन फ्लू के लक्ष्ण बताए थे। हालांकि इसकी पुष्टी नहीं हुई है। मौत के बाद चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कॉलेज से महिला की बॉडी को पैक कर परिजनों को दे दिया। डॉक्टरों ने हिदायत दी कि शव को घर ले जाने की बजाए सीधे श्मशान ले जाएं। क्योंकि अगर घर पर बॉडी को खोला को दूसरे लोग भी इसकी चपेट में सकते हैं। इसके बाद भी परिजनों ने बॉडी को घर लाकर खोल दिया और करीब आठ घंटे बाद उसे दफना किया।
सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने मोहल्ले के सभी लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़िया में दवाई पिलाई गई। वहीं मृतका के परिजनों का कहना है कि घर वालों को शव दिखाना जरूरी था। नसीम ने बताया कि उसकी पत्नी शायना नौ माह की गर्भवती थी। उसे खांसी और जुकाम हो रहा था। बुड़िया प्राथमिक केंद्र में डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिख दिया। आठ अगस्त को उन्होंने चेक कर चंडीगढ़ सेक्टर-32 रेफर कर दिया।
स्वाइन फ्लू के लक्ष्ण देखते हुए उसे स्वाइन फ्लू वार्ड में शिफ्ट कर दिया। वहां पर रात 8.20 बजे उसकी मौत हो गई। नसीम का कहना है कि डॉक्टर ने शायना को स्वाइन फ्लू होने की बात कही थी, लेकिन टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई थी। क्योंकि पीजीआई में चार पांच घंटे में ही शायना की मौत हो गई थी। डॉक्टर ने तीन दिन में रिपोर्ट आने की बात कही थी।
तीन संदिग्ध केस चुके सामने
स्वास्थ्य विभाग के सामने स्वाइन फ्लू के तीन संदिग्ध केस चुके हैं। शायना की अलावा एक केस कृष्णा कॉलोनी में सामने आया था। वहीं एक मरीज का इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा है। उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
महिला में स्वाइन फ्लू के सिमटम थे, लेकिन अभी कंफर्म नहीं है कि उसकी मौत स्वाइन फ्लू से हुई है। परिजनों और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें दवाई पिलाई गई है और परिवार के लोगों के सैंपल भी लिए जाएंगे। डॉ.राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ