प्राइवेसी का अधिकार एक सामाजिक धारणा

नई दिल्ली.प्राइवेसी के अधिकारी के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने दलीलें पूरी कर लीं। सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “हम अपना मोबाइल नंबर सरकार को देते वक्त नहीं चाहेंगे कि यह 200 कंपनियों तक पहुंच जाए और वह दिन-रात हमें मैसेज भेजें।

इसे रोकने का क्या उपाय है?’
– जवाब में अटाॅर्नी जनरल ने कहा, आधार एक्ट में
– लिखा है कि लोगों की जानकारियां सरकार किसी से साझा नहीं करेगी। अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि प्राइवेसी का अधिकार सामाजिक धारणा है। अगर इसे स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़कर देखें तो इसके कई आयाम हैं। नौकरी के आवेदन में स्वेच्छा से निजी कंपनियों को बायोडेटा देते हैं।
– लिखा है कि लोगों की जानकारियां सरकार किसी से साझा नहीं करेगी। अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि प्राइवेसी का अधिकार सामाजिक धारणा है। अगर इसे स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़कर देखें तो इसके कई आयाम हैं। नौकरी के आवेदन में स्वेच्छा से निजी कंपनियों को बायोडेटा देते हैं।





