प्रदेश के 25 बाढ़ ग्रस्त जिलों में नहीं फैलने दी जाएगी बीमारी: सिद्घार्थ नाथ

स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से निपटने की कर ली है तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों के सीएमओ के साथ की वीडियो कांफ्रेंसिंग
दवाओं की उपलब्धता को लेकर दिए निर्देश
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाई गईं 440 चौकियां

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश के जिन 25 जनपदों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहां के सीएमओ के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करके दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश की है। बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जो बीमारियां फैलती है, उसे रोकने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर ली गई हैं। यह जानकारी प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सिद्घार्थ नाथ सिंह ने योजना भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। योजना भवन में ही बाढ़ ग्रस्त जिलों के सीएमओ व अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए मार्च माह में ही योजना बनानी शुरू कर दी थी। बाढ़ की तैयारियों और बीमारियों से निपटने के लिए टीमें बनाई गई हैं। हर जगह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। बीमारियों से निपटने के लिए प्रदेश के 25 जिलों में कुल 440 बाढ़ चौकियां बनाई गई हंै। बाढ़ से लगभग 3050 ग्राम पंचायतें प्रभावित है, जिसमें लगभग 25.3 लाख जनसंख्या प्रभावित है। एनडीआरएफ के साथ मिलकर 319 मोबाइल टीमें भी बनाईं गई हैं, जो नावों से जाकर टापू व ऊंचे स्थान पर शिविर बनाकर रहने वाले बीमार लोगों को दवाएं मुहैया करा रही है। मोबाइल टीमों को मजबूत करने के आदेश दिए हैं। बाढ़ के बाद बारिश का पानी कम होने के बाद दवाओं के छिडक़ाव कराने के निर्देश दिए गए हैं।

एंटी स्नेक वेनम, डीडीटी व ओआरएस की नहीं कोई कमी
सिद्घार्थ नाथ सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में एंटी स्नेक वेनम, डीडीटी, ओआरएस समेत अन्य दवाएं वितरित की जा रही हैं। इन दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रों में 7888 एंटी स्नेक इंजेक्शन, 79,75 लाख क्लोरीन की गोलियां, 15,7 लाख पैकेट ओआरएस के पैकेट मंगाए गए हैं। जो इन क्षेत्रों में वितरित किए जाएंगे।

पशुपालन विभाग से भी लिया जा रहा सहयोग
बाढ़ ग्रस्त इलाकों में स्वास्थ्य विभाग व पशुपालन विभाग का स्वास्थ्य विंग मिलकर कार्य कर रहा है, जिससे जानवरों को भी बचाया जा सके। जानवरों का भी टीकाकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ ग्रस्त जिलों में भेजे गए हैं महानिदेशालय से संयुक्त निदेशक
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में कोई कमी न रह जाए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशालय में तैनात कई ज्वाइंट डॉयरेक्टर के नेतृत्व में टीमें बनाई गई हैं। जो स्थिति सामान्य होने तक क्षेत्रों में ही रहकर कार्य करेंगे। स्थिति बेहतर होने के बाद ही उन्हें वापस बुलाया जाएगा। 24 ज्वाइंट डॉयरेक्टर भेजे गए हैं।

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