प्यार के नाम पर कंट्रोल कर रहा है पार्टनर? इन 5 संकेतों से पहचानिए रिश्ता बन चुका है टॉक्सिक

प्यार के नाम पर हम कई बार अपने पार्टनर की ऐसी कई आदतें अपना लेते हैं, जो धीरे-धीरे हमारे मानसिक स्वास्थ्य को खोखला करने लगती हैं। इसे ही टॉक्सिक रिलेशनशिप कहा जाता है।
रिश्ते में टॉक्सिसिटी अचानक नहीं आती, बल्कि छोटी-छोटी आदतों से शुरू होती है। इसलिए इन आदतों को पहचानना जरूरी है। आइए जानें ऐसे ही संकेतों के बारे में, जो बताते हैं कि आपका रिलेशनशिप टॉक्सिक होता जा रहा है।
हर कदम फूंक-फूंक कर रखना
क्या आप अपने पार्टनर से कुछ भी कहने से पहले सौ बार सोचते हैं? अगर आपको डर लगता है कि आपकी कोई छोटी सी बात या मजाक उन्हें नाराज कर देगा या झगड़ा शुरू हो जाएगा, तो यह एक बड़ा रेड फ्लैग है। एक टॉक्सिक रिश्ते में बात-चीत करना आसान नहीं होता, बल्कि आप हर समय स्ट्रेस में रहते हैं कि कहीं सामने वाला ट्रिगर न हो जाए।
ज्यादा कंट्रोल और शक
पार्टनर का फिक्र करना अच्छी बात है, लेकिन उसे कंट्रोल करना टॉक्सिक है। अगर आपका पार्टनर आपके कपड़े, आपके दोस्त, आपके फोन के पासवर्ड या आप किससे मिल रहे हैं, इन सब पर नजर रखने लगे और पाबंदी लगाए, तो यह प्यार नहीं बल्कि इनस्केयोरिटी है। एक स्वस्थ रिश्ते में पर्सनल स्पेस और भरोसे का होना जरूरी है।
गैसलाइटिंग
गैसलाइटिंग यानी अपनी गलती छिपाने के लिए सामने वाला व्यक्ति आपको यह महसूस कराना कि उनकी याददाश्त कमजोर है या उनकी समझ गलत है। जब पार्टनर अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय उलटा आप पर ही दोष मढ़ने लगे, तो समझ लीजिए कि रिश्ता टॉक्सिक हो चुका है।
लगातार आलोचना और नीचा दिखाना
पार्टनर वह होता है जो आपकी खूबियों को सराहे, लेकिन एक टॉक्सिक पार्टनर अक्सर आपकी कमियां निकालता है। चाहे वह आपके काम को लेकर हो, आपके लुक्स को लेकर या आपके सपनों को लेकर। अगर आपको बार-बार यह महसूस कराया जा रहा है कि आप काफी नहीं हैं, तो यह आपके आत्मसम्मान और कॉन्फिडेंस को चोट पहुंचा सकता है।
भावनात्मक रूप से थकावट
अगर आप अपने पार्टनर के साथ समय बिताने के बाद खुद को एनर्जेटिक महसूस नहीं कर रहे हैं या मेंटली बहुत थका हुआ महसूस करते हैं, तो यह भी टॉक्सिक रिलेशनशिप का संकेत हो सकता है। एक टॉक्सिक रिश्ते में ड्रामा और रोना-धोना सामान्य से कहीं ज्यादा होने लगता है।





