पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार पर सीबीआई ने लगाया यह आरोप : शारदा चिटफंड घोटाला

चर्चित शारदा चिटफंड घोटाले में फंसे कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार कलकत्ता हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि राजीव कुमार करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में जांच एजेंसी के समक्ष बेतुके कारणों को लेकर पेश नहीं हुए। जांच एजेंसी के वकील ने जस्टिस मधुमति मित्रा के समक्ष दलील दी कि कुमार ने जांच एजेंसी के समक्ष अपनी पेशी की तारीख को टालने के लिए कई कारणों का जिक्र किया।

राजीव कुमार अभी पश्चिम बंगाल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक हैं। राजीव कुमार ने हाईकोर्ट का रुख कर सीबीआई के एक नोटिस को रद्द करने की मांग की थी, जिसे उनसे शारदा चिटफंड घोटाले की जांच में मदद के लिए जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था।
जांच एंजेसी के वकील वाई जे दस्तूर ने पूर्व कमिश्नर के इस दावे का खंडन किया कि जांच एजेंसी पूछताछ के लिए उन्हें विशेष तौर पर निशाना बना रही है। दस्तूर ने दलील दी कि इस सिलसिले में कई अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है। बहरहाल, न्यायमूर्ति मित्रा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत की कार्यवाही आज के लिए स्थगित कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने मई 2014 में सुदिप्त सेन नीत शारदा समूह सहित कई चिटफंड घोटालों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। इन घोटालों के जरिए निवेशकों को 2500 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया था। कुमार 2013 में बिधाननगर पुलिस आयुक्त थे जब इस घोटाले का खुलासा हुआ था। बता दें कि इस घोटाले ने पश्चिम बंगाल में जबरदस्त राजनीतिक बवाल मचा दिया था। सीएम ममता बनर्जी राजीव कुमार के गिरफ्तारी को लेकर केंद्र से भिड़ गयीं थीं।





