पाक से नशे की तस्करी के मामले में बड़े चेहरे बेनकाब, खुफिया एजेंसियों को अब गुरदासपुर के एक कारोबारी की तलाश

पाकिस्तान से ड्रग की तस्करी में जल्द ही बड़े चेहरे बेनकाब हाे सकते हैं। यहां अटारी वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान से नमक की खेप के साथ आई हेरोइन के मामले में कस्टम विभाग के बाद खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गई हैैं। इस मामले में में जल्द ही कई और बड़े चेहरे सामने आ सकते हैैं। खुफिया एजेंसियों को अब गुरदासपुर के एक कारोबारी की तलाश है दो गुरपिंदर की गिरफ्तारी के बाद भूमिगत हो चुका है। बताया जा रहा है कि तारीक ने गुरपिंदर के भाई परमिंदर के खाते में जो 10.5 लाख रुपए जमा करवाए थे वह इस कारोबारी को दिए गए थे।
गुरपिंदर की गिरफ्तारी के बाद फरार हुआ गुरदासपुर का कारोबारी बताया जा रहा है मामले का मास्टरमाइंड
सूत्रों के अनुसार तीन दिन से जारी जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि हेरोइन के इस कारोबार में तारीक के साथ मिलकर गुरदासपुर का कारोबारी ही चला रहा था। वह इस सारे मामले का मास्टर माइंड भी है। पंजाब पुलिस की एक खुफिया शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि गुरपिंदर और तारीक की गिरफ्तारी के बाद से ही गुरदासपुर का कारोबारी भूमिगत हो गया था।
कस्टम व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने गुरदासपुर में दबिश दी तो आरोपित के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। गुरपिंदर इस कारोबारी से दो-तीन बार ही मिला था। कुछ पैसे कमाने के लालच में गुरपिंदर सिंह ने तारीक और गुरदासपुर इस कारोबारी के कहने पर पाकिस्तान से नमक से मंगवाया था। कस्टम विभाग की एक टीम द्वारा हंदवाड़ा से तारिक के कुछ करीबियों को भी हिरासत में लेने की बात भी सामने आई है लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अधिकारी हेरोइन के कश्मीर कनेक्शन की गहराई का पता लगाने की कोशिश में जुटे हैैं।
गुरपिंदर के घर पहुंचे अधिकारी, परिजनों से की पूछताछ
खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने इंपोर्टर गुरपिंदर के घर जाकर कुछ जानकारियां जुटाई हैैं। तारीक अहमद लोन ने पूछताछ में बताया था कि इस आर्डर को सिरे चढ़ाने के लिए उसने 10.5 लाख रुपये गुरपिंदर के भाई परमिंदर के खाते मे जमा करवाए थे। अब अधिकारी परमिंदर की भूमिका को तलाशने में जुटे हुए हैैं। हुसैनपुर में गुरपिंदर के घर पर सहम का माहौल है।
52 किलो नशीला पाउडर भी हेरोइन में शामिल
कस्टम विभाग द्वारा 532 किलो हेरोइन के मामले में इसके साथ पकड़े गए 52 किलो नशीले पाउडर को हेरोइन की श्रेणी में ही रखा है। हालाकि अभी इसकी जांच होनी बाकी है। कस्टम अधिकारियों द्वारा दर्ज किए गए मामले में हेरोइन का वजन 584 किलो दर्ज किया गया है।
मोबाइल, लैपटाप की जांच जारी
गुरपिंदर सिंह और हंदवाड़ा के तारिक अहमद लोन को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद कस्टम द्वारा उनके मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज से जानकारियां जुटाई जा रही हैैं। ताकि, इस मामले से जुड़े अन्य लिंक भी तलाशे जा सकें। अभी तक कस्टम को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। वहीं अमृतसर के जिस कारोबारी का नाम इस मामले में सामने आया था उसकी तलाश भी जारी है।





